Pratik Yadav Death Mystery
Pratik Yadav Death Mystery : उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे रसूखदार परिवारों में से एक, मुलायम सिंह यादव के परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सपा संरक्षक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का निधन हो गया है। बुधवार की सुबह लखनऊ के सिविल अस्पताल से आई इस खबर ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। जानकारी के अनुसार, प्रतीक को सुबह बेहद गंभीर स्थिति में अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया। इस दुखद समाचार के मिलते ही समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत तमाम दिग्गज नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
प्रतीक यादव की मौत को लेकर अब कई सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। पुलिस सूत्रों और घर के कर्मचारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात करीब 3 बजे प्रतीक यादव ने अपने एक हेल्पर को बुलाया था। उन्होंने अपने पैर में तेल मलने के लिए कहा था, क्योंकि उन्हें बेचैनी महसूस हो रही थी। इसके कुछ देर बाद उनकी तबीयत अचानक और ज्यादा बिगड़ने लगी। आनन-फानन में निजी डॉक्टर को घर पर ही बुलाया गया, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर होते देख उन्हें तुरंत लखनऊ सिविल अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया गया। हालांकि, जब तक वे अस्पताल पहुंचे, तब तक उनके प्राण पखेरू उड़ चुके थे।
पुलिस सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी ने इस मामले में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि जब प्रतीक यादव को अस्पताल लाया गया, तब उनके नाखून नीले पड़ चुके थे। चिकित्सा विज्ञान में नाखूनों का नीला पड़ना अक्सर शरीर में ऑक्सीजन की कमी या किसी जहरीले तत्व के प्रभाव का संकेत माना जाता है। वहीं, एक अन्य सूत्र का दावा है कि सुबह करीब 4 बजे प्रतीक अपने घर के किचन में अचेत (बेहोश) अवस्था में मिले थे। उन्हें सुबह 6 बजे के करीब अस्पताल पहुँचाया गया था। इन विरोधाभासों के बीच, फिलहाल लखनऊ के केजीएमयू (KGMU) में प्रतीक की डेडबॉडी का पोस्टमार्टम किया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट से ही मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा।
प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव के मायके पक्ष के लोगों ने भी घटनाक्रम की कड़ी को जोड़ने वाली कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। परिजनों के अनुसार, रात में प्रतीक अपने कमरे में अकेले थे। अचानक उनके हाथ से पानी का गिलास छूटकर गिर गया, जिसकी आवाज सुनकर घर में मौजूद अटेंडेंट दौड़कर उनके कमरे में आया। तब प्रतीक ने उसे पैर में तेल लगाने को कहा था। परिजनों का कहना है कि इसके बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई। यह बयान घर में मौजूद कर्मचारियों की गवाही से मेल तो खाता है, लेकिन मौत की अंतिम वजह अभी भी सस्पेंस बनी हुई है।
प्रतीक यादव के करीबी सूत्रों का यह भी कहना है कि वे पिछले 3-4 वर्षों से गंभीर डिप्रेशन (अवसाद) से जूझ रहे थे और उनका नियमित इलाज चल रहा था। प्रतीक हमेशा से ही लाइमलाइट और राजनीति की चकाचौंध से दूर रहना पसंद करते थे। वे एक सफल व्यवसायी थे और अपनी फिटनेस को लेकर भी काफी सजग रहते थे, ऐसे में उनकी अचानक मौत और डिप्रेशन की खबरों ने उनके चाहने वालों को हैरत में डाल दिया है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि इस ‘हाई प्रोफाइल’ मौत के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।
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