उत्तर प्रदेश

Prayagraj Magh Mela Fire: प्रयागराज माघ मेला अग्निकांड, कल्पवासी शिविरों में मची अफरा-तफरी, 20 दुकानें जलकर राख

Prayagraj Magh Mela Fire: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित पवित्र माघ मेले के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। मेले के सेक्टर 5 स्थित नारायण शुक्ला धाम शिविर में अचानक आग लगने से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उनकी भयानक रोशनी कई किलोमीटर दूर से ही साफ देखी जा सकती थी। शिविर में कल्पवास कर रहे श्रद्धालु अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल और स्थानीय संतों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। गनीमत यह रही कि समय रहते राहत कार्य शुरू होने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

फायर ब्रिगेड की 7 गाड़ियों ने पाया काबू, शॉर्ट सर्किट बनी वजह

आग की भयावहता को देखते हुए तत्काल दमकल विभाग को सूचित किया गया। मौके पर फायर ब्रिगेड की 6 से 7 गाड़ियां पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया। प्राथमिक जांच और अधिकारियों की आशंका के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग नारायण शुक्ला धाम के मुख्य शिविर से शुरू हुई और तेजी से आसपास के टेंटों में फैल गई। प्रशासन ने तुरंत घेराबंदी कर कल्पवासियों को बाहर निकाला। हालांकि, आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन नुकसान का आकलन काफी बड़ा बताया जा रहा है।

20 दुकानें और 15 टेंट स्वाहा, बाल-बाल बचे 50 कल्पवासी

इस भीषण अग्निकांड में नारायण शुक्ला धाम शिविर के अंतर्गत आने वाले लगभग 15 टेंट पूरी तरह जलकर राख हो गए हैं। इन टेंटों में करीब 50 कल्पवासी निवास कर रहे थे, जिन्हें समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया। वहीं, शिविर के ठीक बाहर स्थित कल्पवासियों की दैनिक जरूरतों से जुड़ी करीब 20 दुकानें भी आग की भेंट चढ़ गईं। दुकानदारों का सारा माल और कल्पवासियों का सामान जल गया है। प्रशासन अब आग से हुए नुकसान का विस्तृत विवरण तैयार कर रहा है ताकि प्रभावित लोगों की सहायता की जा सके। मेले में आग लगने की इस घटना ने सुरक्षा इंतजामों और कैंपों में बिजली फिटिंग की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

महाकुंभ 2025 के बाद माघ मेले का बढ़ता स्वरूप और आस्था

उल्लेखनीय है कि साल 2025 के ऐतिहासिक महाकुंभ के बाद, यह माघ मेला अब तक का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन बनकर उभरा है। संगम तट पर रोज हजारों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं। साधु-संतों का भारी जमावड़ा तटों पर विभिन्न अनुष्ठानों और तपस्या में लीन है। कड़कड़ाती ठंड और कोहरे के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। यहां कुछ ऐसे तपस्वी भी आए हैं जो अपनी कठोर साधना से शिव भक्ति का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। प्रशासन के लिए इतनी बड़ी भीड़ को संभालना और आग जैसी दुर्घटनाओं को रोकना एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।

15 फरवरी तक चलेगा आस्था का पर्व, सुरक्षा व्यवस्था सख्त

माघ मेला 2026 का विधिवत शुभारंभ 3 जनवरी को हुआ था और यह आगामी 15 फरवरी तक अनवरत जारी रहेगा। प्रयागराज प्रशासन ने सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और पार्किंग के पुख्ता इंतजाम किए हैं। कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं के लिए संगम घाटों पर विशेष व्यवस्था की गई है, जहाँ स्नान के साथ-साथ भजन-कीर्तन और प्रवचनों का दौर जारी है। श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है कि संगम में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और आत्मा को शांति मिलती है। प्रशासन ने ताजी घटना के बाद सभी सेक्टरों में अग्नि सुरक्षा जांच के आदेश दे दिए हैं।

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