वृंदावन के प्रसिद्ध संत Premanand Maharaj गुरुवार को एक बार फिर श्री राधा Keli Kunj आश्रम पहुंचे। 25 सितंबर को उनके शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद यह उनकी आश्रम में वापसी थी। महाराज के पहुंचने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम के आसपास जुटने लगे।
सुबह-सुबह आश्रम के बाहर जुटने लगे श्रद्धालु
बताया गया कि सुबह करीब पांच से साढ़े पांच बजे के बीच भक्तों को प्रेमानंद महाराज के केलि कुंज पहुंचने की जानकारी मिली। इसके बाद आश्रम के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी। दूर-दराज से आए भक्त महाराज के दर्शन की प्रतीक्षा करते नजर आए। कई लोग हाथ जोड़कर खड़े रहे, जबकि कुछ ने मोबाइल फोन से तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए।
करीब 20 मिनट तक केलि कुंज में रुके
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेमानंद महाराज कार से श्री राधा केलि कुंज पहुंचे और वहां करीब 20 मिनट तक रुके। इसके बाद वह वाराह घाट स्थित अपने गुरु श्री हित गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे। वहां भी उन्होंने करीब 20 मिनट रुककर अपने गुरुदेव के दर्शन किए और फिर मांट स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए रवाना हो गए।
रसिक दुलारी की मौत के बाद बढ़ी थी आश्रम पर चर्चा
प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर को मौत हुई थी। पुलिस के मुताबिक, वह गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिर गए थे। गंभीर रूप से घायल रसिक दुलारी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई थी और मामले की जांच जारी रखी।
CCTV फुटेज से सामने आई घटना की तस्वीर
घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज ने मामले को लेकर कई सवाल खड़े किए। रिपोर्टों के अनुसार, फुटेज में रसिक दुलारी कुछ समय तक छत पर बैठे दिखाई देते हैं। इसके बाद वह अचानक उठकर नीचे गिरते नजर आते हैं। एक अन्य व्यक्ति भी छत की ओर आता दिखाई देता है। पुलिस घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने के लिए CCTV फुटेज की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच भी चर्चा में
मामले में शरीर पर चोटों को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई हैं। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और फोरेंसिक जांच की प्रक्रिया की गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने कमरे से एक ग्राइंडर भी बरामद किया था और उसके फिंगरप्रिंट की जांच की जा रही थी। इन तथ्यों को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे किए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
पुलिस अलग-अलग पहलुओं की कर रही जांच
जांच में पुलिस ने आश्रम में रहने वाले अन्य साधकों से पूछताछ और CCTV फुटेज की पड़ताल की है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, जांच एजेंसियां घटना से पहले रसिक दुलारी की गतिविधियों और परिस्थितियों को समझने का प्रयास कर रही हैं। इसलिए फिलहाल मौत के कारण और उससे जुड़े सभी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा।
आश्रम ट्रस्ट ने जताया था दुख
रसिक दुलारी की मौत के बाद श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट की ओर से भी शोक व्यक्त किया गया था। ट्रस्ट ने घटना पर दुख जताते हुए लोगों से अपुष्ट अफवाहों से बचने की अपील की थी। मामले की जांच के बीच आश्रम से जुड़े घटनाक्रम पर श्रद्धालुओं और आम लोगों की नजर बनी हुई है।
अब प्रेमानंद महाराज की वापसी क्यों अहम मानी जा रही
रसिक दुलारी की मौत के बाद प्रेमानंद महाराज कुछ समय के लिए केलि कुंज से अलग होकर यमुना विहार कुंज में रहने लगे थे। ऐसे में 14 दिन बाद उनका केलि कुंज पहुंचना चर्चा का विषय बना। हालांकि, उनके आश्रम पहुंचने का अर्थ या इसके पीछे की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
रसिक दुलारी शरण की मौत को लेकर पुलिस की जांच अभी महत्वपूर्ण चरण में है। CCTV, फोरेंसिक साक्ष्य, मोबाइल और अन्य जांच रिपोर्टों से घटना की परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस की जांच में आत्महत्या की आशंका सामने आई है, लेकिन मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच भी जारी है।
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