ताज़ा खबर

President Murmu Gaya: गयाजी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया पिंडदान, विष्णुपद मंदिर में की पूजा

President Murmu Gaya: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को बिहार के गयाजी में पहुंचकर विष्णुपद मंदिर में पिंडदान किया। यह पहला अवसर था जब किसी वर्तमान राष्ट्रपति ने पिंडदान की परंपरा का निर्वहन करते हुए गया में पूजा-अर्चना की।

करीब दो घंटे रुकीं राष्ट्रपति

राष्ट्रपति मुर्मू सुबह विष्णुपद मंदिर पहुंचीं और लगभग दो घंटे तक मंदिर परिसर में रहीं। उनके साथ बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी मौजूद थे। राज्यपाल ने मंदिर के मुख्य द्वार तक राष्ट्रपति को छोड़ने के बाद वहां से प्रस्थान कर लिया।

इस अवसर पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और आसपास का इलाका पूरी तरह से VVIP सुरक्षा घेरे में रहा। स्थानीय प्रशासन और SPG ने सुरक्षा व्यवस्था को संभालते हुए आम श्रद्धालुओं की आवाजाही पर अस्थायी रोक भी लगाई।

फैब्रिकेटेड हॉल में हुआ पिंडदान

विष्णुपद मंदिर परिसर में राष्ट्रपति के लिए विशेष रूप से एल्युमिनियम फैब्रिकेटेड हॉल तैयार किया गया था, जिसमें तीन अलग-अलग कक्ष बनाए गए थे।एक कक्ष में राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ पिंडदान किया।शेष दो कक्षों में राष्ट्रपति भवन के अधिकारी और अन्य कर्मी मौजूद रहे।

पंडा समाज ने निभाई परंपरा

राष्ट्रपति मुर्मू का पिंडदान पंडा राजेश लाल कटरियार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति का पैतृक घर ओडिशा के मयूरभंज जिले में है। पंडा राजेश ने कहा,”राष्ट्रपति मुर्मू के परिवार से पहले भी एक सदस्य गया जी आकर पिंडदान कर चुके हैं, लेकिन यह पहला मौका है जब खुद राष्ट्रपति ने यहां आकर पिंडदान किया।”

पिंडदान का महत्व

हिंदू धर्म में गया में पिंडदान करना पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। आश्विन मास के श्राद्ध पक्ष में देशभर से लाखों श्रद्धालु यहां पूर्वजों का तर्पण और पिंडदान करने आते हैं। राष्ट्रपति का यह कदम न केवल धार्मिक परंपरा के सम्मान का प्रतीक है, बल्कि यह गया की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का माध्यम भी बना है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गयाजी यात्रा और विष्णुपद मंदिर में पिंडदान ने श्रद्धा और राष्ट्र के सर्वोच्च पद की गरिमा को एक साथ जोड़ा। उनका यह कदम आस्था, परंपरा और आध्यात्मिकता का प्रतीक बन गया है।

Read More : Indus Water Treaty: भारत ने सिंधु जल संधि निलंबन पर पाकिस्तान की आपत्तियों को सख्ती से किया खारिज, UNHRC में दिया करारा जवाब

Thetarget365

Recent Posts

DC vs RR : दिल्ली IPL में लगातार तीन हार के बाद जीती, राजस्थान को 7 विकेट से हराया

DC vs RR :  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मौजूदा सीजन में कठिन दौर से…

5 hours ago

Strait of Hormuz Reopening : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खुलने वाला है? ईरान ने पाकिस्तान के जरिए भेजा बातचीत प्रस्ताव

Strait of Hormuz Reopening : पश्चिम एशिया में युद्ध के बादलों और गहराते कूटनीतिक गतिरोध…

7 hours ago

NCB Drug Bust : मुंबई में कोकीन सिंडिकेट का पर्दाफाश, 1745 करोड़ की ड्रग्स जब्त, एनसीबी की बड़ी सफलता

NCB Drug Bust :  नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने नशीली दवाओं के तस्करों के खिलाफ…

7 hours ago

Raja Shivaji Box Office : बॉक्स ऑफिस पर शिवाजी महाराज की आंधी, क्या यह बनेगी 200 करोड़ी फिल्म?

Raja Shivaji Box Office :  मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवगाथा अब…

7 hours ago

SECR Cancelled Trains : बिलासपुर रेलवे जोन की 18 ट्रेनें रद्द, गोंदिया और भाटापारा में विकास कार्य से यात्री परेशान

SECR Cancelled Trains :  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर जोन से सफर करने…

8 hours ago

This website uses cookies.