Priyanka Gandhi on SC : सुप्रीम कोर्ट द्वारा राहुल गांधी की टिप्पणी पर जताई गई नाराजगी के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को संसद परिसर में जवाब दिया। उन्होंने कहा – “माननीय जजों का हम पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन यह तय करना कि कौन सच्चा भारतीय है, उनका काम नहीं है।” प्रियंका ने यह भी कहा कि राहुल गांधी कभी भी सेना के खिलाफ नहीं बोल सकते। “सरकार से सवाल पूछना विपक्ष के नेता का कर्तव्य है, लेकिन उनके बयानों का गलत मतलब निकाला जा रहा है।”
राहुल गांधी की टिप्पणी और कोर्ट की प्रतिक्रिया
दरअसल, 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की सेना से जुड़ी टिप्पणी पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने पूछा – “आपको कैसे पता चला कि चीन ने भारत की 2000 वर्ग किमी जमीन कब्जा ली है? एक सच्चा भारतीय ऐसा नहीं कहता।”
यह टिप्पणी दिसंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए गए राहुल गांधी के बयान को लेकर थी, जिसमें उन्होंने कहा था -“चीन ने 2000 वर्ग किमी भारतीय जमीन पर कब्जा कर लिया है, 20 जवान मारे गए और हमारे सैनिकों को अरुणाचल प्रदेश में पीटा जा रहा है, लेकिन देश इस पर बात नहीं कर रहा।”
राहुल गांधी के खिलाफ मामला, कोर्ट की कार्रवाई
राहुल गांधी की इस टिप्पणी को लेकर लखनऊ की अदालत में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता उदय शंकर श्रीवास्तव ने आरोप लगाया था कि राहुल की टिप्पणी भारतीय सेना का अपमान है। 29 मई 2024 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने निचली अदालत से समन को चुनौती दी थी। हालांकि 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी।
PM मोदी ने भी ली चुटकी
इसी मुद्दे पर मंगलवार को संसद भवन में NDA संसदीय दल की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा -“सुप्रीम कोर्ट से बड़ी फटकार विपक्ष को और क्या मिल सकती है? विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाकर अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारी है।”
सियासी बहस गरम
भले ही सुप्रीम कोर्ट और राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई हो, लेकिन दोनों पक्ष यह मानते हैं कि भारतीय सेना का सम्मान सर्वोपरि है। प्रियंका गांधी ने भी स्पष्ट किया कि “राहुल कभी भी सेना का अपमान नहीं कर सकते, उनका मकसद सरकार से सवाल करना था।”
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला अब राजनीतिक और संवैधानिक विमर्श का केंद्र बन चुका है। यह बहस सिर्फ राहुल गांधी के बयान तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें अब सवाल यह है कि सच्चे भारतीय की परिभाषा कौन तय करेगा – न्यायपालिका, संसद या जनता?
Read More : Bolsonaro coup plot : ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति बोलसोनारो पर तख्तापलट की साजिश का आरोप, कोर्ट के आदेश पर फोन जब्त और मिलने पर रोक
Priyanka Gandhi on SC : जज तय नहीं करेंगे कौन है सच्चा भारतीय-सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर प्रियंका गांधी का पलटवार
Priyanka Gandhi on SC : सुप्रीम कोर्ट द्वारा राहुल गांधी की टिप्पणी पर जताई गई नाराजगी के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को संसद परिसर में जवाब दिया। उन्होंने कहा – “माननीय जजों का हम पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन यह तय करना कि कौन सच्चा भारतीय है, उनका काम नहीं है।” प्रियंका ने यह भी कहा कि राहुल गांधी कभी भी सेना के खिलाफ नहीं बोल सकते। “सरकार से सवाल पूछना विपक्ष के नेता का कर्तव्य है, लेकिन उनके बयानों का गलत मतलब निकाला जा रहा है।”
राहुल गांधी की टिप्पणी और कोर्ट की प्रतिक्रिया
दरअसल, 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की सेना से जुड़ी टिप्पणी पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने पूछा – “आपको कैसे पता चला कि चीन ने भारत की 2000 वर्ग किमी जमीन कब्जा ली है? एक सच्चा भारतीय ऐसा नहीं कहता।”
यह टिप्पणी दिसंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए गए राहुल गांधी के बयान को लेकर थी, जिसमें उन्होंने कहा था -“चीन ने 2000 वर्ग किमी भारतीय जमीन पर कब्जा कर लिया है, 20 जवान मारे गए और हमारे सैनिकों को अरुणाचल प्रदेश में पीटा जा रहा है, लेकिन देश इस पर बात नहीं कर रहा।”
राहुल गांधी के खिलाफ मामला, कोर्ट की कार्रवाई
राहुल गांधी की इस टिप्पणी को लेकर लखनऊ की अदालत में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता उदय शंकर श्रीवास्तव ने आरोप लगाया था कि राहुल की टिप्पणी भारतीय सेना का अपमान है। 29 मई 2024 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने निचली अदालत से समन को चुनौती दी थी। हालांकि 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी।
PM मोदी ने भी ली चुटकी
इसी मुद्दे पर मंगलवार को संसद भवन में NDA संसदीय दल की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा -“सुप्रीम कोर्ट से बड़ी फटकार विपक्ष को और क्या मिल सकती है? विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाकर अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारी है।”
सियासी बहस गरम
भले ही सुप्रीम कोर्ट और राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई हो, लेकिन दोनों पक्ष यह मानते हैं कि भारतीय सेना का सम्मान सर्वोपरि है। प्रियंका गांधी ने भी स्पष्ट किया कि “राहुल कभी भी सेना का अपमान नहीं कर सकते, उनका मकसद सरकार से सवाल करना था।”
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला अब राजनीतिक और संवैधानिक विमर्श का केंद्र बन चुका है। यह बहस सिर्फ राहुल गांधी के बयान तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें अब सवाल यह है कि सच्चे भारतीय की परिभाषा कौन तय करेगा – न्यायपालिका, संसद या जनता?
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