Puducherry Election 2026
Puducherry Election 2026: केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से जारी अनिश्चितता के बादल अब छंटते नजर आ रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गठबंधन में मची खलबली को शांत करते हुए एनडीए (NDA) के कुनबे को बिखरने से बचा लिया है। ताजा घटनाक्रम के बाद यह लगभग साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी की पार्टी, ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस (AINRC), पुडुचेरी में एनडीए गठबंधन का नेतृत्व जारी रखेगी। गुरुवार शाम तक राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि रंगास्वामी एनडीए से नाता तोड़कर तमिल सुपरस्टार विजय की नई पार्टी ‘तमिझगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के साथ हाथ मिला सकते हैं, लेकिन बीजेपी की सक्रियता ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया।
गठबंधन टूटने की खबरों के बीच बीजेपी आलाकमान ने तुरंत हरकत में आते हुए केंद्रीय मंत्री और चुनाव प्रभारी मनसुख मांडविया को एक विशेष विमान से पुडुचेरी भेजा। मांडविया की मुख्यमंत्री रंगास्वामी के साथ हुई मैराथन बैठक रंग लाई और वे रंगास्वामी की शिकायतों को दूर करने में सफल रहे। इसी समझौते का नतीजा है कि मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी आज अपना नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं। राजनीतिक सूत्रों का यह भी दावा है कि रंगास्वामी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए इस बार एक नहीं, बल्कि दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ सकते हैं।
एक तरफ जहाँ एनडीए ने अपना घर व्यवस्थित कर लिया है, वहीं विपक्षी खेमे यानी ‘सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस’ में दरारें चौड़ी होती दिख रही हैं। कांग्रेस और डीएमके (DMK) के बीच गठबंधन को लेकर पेच बुरी तरह फंसा हुआ है। परंपरा के अनुसार, पुडुचेरी में कांग्रेस हमेशा गठबंधन का नेतृत्व करती आई है, लेकिन इस बार डीएमके ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। डीएमके का तर्क है कि जिस तरह तमिलनाडु में वह बड़े भाई की भूमिका में है, उसी तर्ज पर पुडुचेरी में भी उसे ही गठबंधन की कमान मिलनी चाहिए। कांग्रेस इस मांग को स्वीकार करने में हिचकिचा रही है, जिससे सीटों के बंटवारे पर अंतिम मुहर नहीं लग पा रही है।
पुडुचेरी में नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि सोमवार को समाप्त हो रही है, जिससे विपक्षी दलों के पास समय बेहद कम बचा है। डीएमके सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन इस विवाद को सुलझाने के लिए आज या कल में पुडुचेरी का दौरा कर सकते हैं या वहीं से कोई बड़ा नीतिगत फैसला ले सकते हैं। स्टालिन का निर्णय यह तय करेगा कि पुडुचेरी में विपक्षी गठबंधन एकजुट होकर लड़ेगा या फिर दोनों दल अलग-अलग राह पकड़ेंगे।
पुडुचेरी की राजनीति में एन. रंगास्वामी एक कद्दावर चेहरा रहे हैं। उन्होंने ठीक 15 साल पहले, 7 फरवरी 2011 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अलग होकर अपनी नई पार्टी ‘अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस’ (AINRC) का गठन किया था। तब से लेकर अब तक रंगास्वामी ने अपनी क्षेत्रीय पकड़ को साबित किया है और वर्तमान में वे राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में एनडीए सरकार चला रहे हैं। उनकी पार्टी का एनडीए के साथ बने रहना बीजेपी के लिए दक्षिण के इस द्वार पर सत्ता बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
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