Pune Municipal Election 2025
Pune Municipal Election 2025: महाराष्ट्र की राजनीति में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य की सबसे शक्तिशाली नगर पालिका, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) समेत अन्य 28 महानगर पालिकाओं के लिए 15 जनवरी को मतदान होना तय हुआ है। मुंबई में जहाँ महाविकास अघाड़ी के दो प्रमुख घटक दलों, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के बीच सीधा गठबंधन नहीं हो सका है, वहीं पुणे से एक बड़ी खबर सामने आई है। पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (PMC) चुनाव के लिए दोनों दलों ने हाथ मिला लिया है और गठबंधन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह कदम राज्य की राजनीति में सत्ता समीकरणों को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है।
पुणे में आयोजित एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस और शिवसेना-UBT के नेताओं ने सीट बंटवारे की रूपरेखा साझा की। कांग्रेस नेता सतेज पाटिल और शिवसेना-UBT के नेता सचिन अहीर ने बताया कि गठबंधन को अंतिम रूप देने के लिए रविवार तड़के 5 बजे तक मैराथन बैठकें चलीं। तय फॉर्मूले के अनुसार, पुणे नगर निगम की कुल 160 सीटों में से फिलहाल 105 सीटों पर उम्मीदवारों का फैसला हो गया है। इसमें कांग्रेस 60 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी, जबकि शिवसेना-UBT के खाते में 45 सीटें आई हैं। शेष 55 सीटों पर अभी भी चर्चा का दौर जारी है, जिन्हें लेकर जल्द ही अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।
पुणे के इस चुनावी दंगल में प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) की भूमिका को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है। सतेज पाटिल ने खुलासा किया कि VBA ने गठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाड़ी के बीच स्वतंत्र रूप से बातचीत चल रही है। चूंकि गठबंधन में शामिल अन्य घटक दलों को भी विश्वास में लेना आवश्यक है, इसलिए VBA के साथ सीटों का अंतिम गणित तय होने के बाद ही नया आंकड़ा सार्वजनिक किया जाएगा। यदि VBA इस गठबंधन का हिस्सा बनती है, तो पुणे में मुकाबला त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय होने के बजाय काफी दिलचस्प हो जाएगा।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान शिवसेना नेता सचिन अहीर ने इस गठबंधन को पुणे के विकास के लिए एक नई उम्मीद बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह तालमेल पुणे शहर की समस्याओं को सुलझाने और इसके कायापलट के लिए आवश्यक है। अहीर ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य शहर को बेहतर बुनियादी सुविधाएं और शासन प्रदान करना है। पुणे में सहमति बनने के बाद अब गठबंधन की नजर पिंपरी-चिंचवड नगर निगम (PCMC) पर है। नेताओं ने बताया कि पिंपरी-चिंचवड में सीट बंटवारे और गठबंधन को लेकर सोमवार को एक अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
पुणे निकाय चुनाव के लिए यह गठबंधन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरण अलग हो सकते हैं। जहाँ मुंबई में कांग्रेस ‘एकला चलो’ की राह पर है, वहीं पुणे में उसने उद्धव ठाकरे के साथ मिलकर भाजपा और उसके सहयोगियों को चुनौती देने का मन बनाया है। आने वाले दिनों में जब शेष 55 सीटों और VBA के शामिल होने पर स्थिति साफ होगी, तब यह स्पष्ट होगा कि पुणे की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी। फिलहाल, कांग्रेस और शिवसेना-UBT के कार्यकर्ता इस गठबंधन के बाद जमीनी स्तर पर सक्रिय हो गए हैं।
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