Epstein Files India
Epstein Files India: भारतीय राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तीखे सवाल दागे हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर मोदी सरकार को भ्रष्टाचार और विदेशी साठगांठ के आरोपों में घेरा। उन्होंने एपस्टीन फाइल्स, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता और अडानी मामले को एक साथ जोड़ते हुए इसे देश के हितों के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश करार दिया।
राहुल गांधी ने अपने बयान में ‘एपस्टीन फाइल्स’ (Epstein Files) का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों पर गंभीर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय अपराधी से प्रधानमंत्री, उनके मंत्रियों और उनके उद्योगपति मित्रों के नाम जुड़ना बेहद शर्मनाक है। राहुल का आरोप है कि इन दस्तावेजों में कई ऐसी जानकारियां छिपी हैं जो सरकार की छवि को धूमिल करती हैं। उन्होंने दावा किया कि अभी लाखों पन्नों के दस्तावेज सार्वजनिक होना बाकी हैं, जो आने वाले समय में बड़े खुलासे कर सकते हैं।
व्यापारिक समझौतों पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ हुई हालिया ट्रेड डील में भारत के स्वाभिमान और संसाधनों का सौदा किया गया है। उन्होंने कहा कि देश का कीमती डेटा अमेरिकी कॉर्पोरेट घरानों को सौंप दिया गया है। राहुल के अनुसार, इस समझौते ने भारतीय किसानों के हितों को चोट पहुंचाई है और हमारे पारंपरिक टेक्सटाइल (कपड़ा) उद्योग को बर्बादी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। उन्होंने इसे ‘देश बेचने’ के समान बताया।
अडानी समूह पर अमेरिका में चल रहे कानूनी मामले को राहुल गांधी ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री की वित्तीय नीतियों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि गौतम अडानी पर चल रहा केस केवल एक उद्योगपति का मामला नहीं है, बल्कि यह प्रधानमंत्री और भाजपा की उस वित्तीय संरचना पर केस है जिसके जरिए वे सत्ता का संचालन करते हैं। राहुल ने सवाल उठाया कि आखिर पिछले 14 महीनों से इस हाई-प्रोफाइल मामले में कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने ‘मित्रों’ को बचाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
राहुल गांधी के आरोपों पर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने त्वरित प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने एपस्टीन फाइल्स से जुड़े दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें ‘घटिया कल्पना’ करार दिया है। आधिकारिक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री के 2017 के इजरायल दौरे का संदर्भ लेकर जो भी बातें फैलाई जा रही हैं, वे आधारहीन हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम अपराधियों द्वारा लिखे गए दस्तावेजों को राजनीतिक मुद्दा बनाना गलत है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
अपने पोस्ट के अंत में राहुल गांधी ने बेहद आक्रामक तेवर अपनाए। उन्होंने खुद को और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को ‘बब्बर शेर’ बताते हुए कहा कि वे देश के हितों की रक्षा के लिए एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री को सीधा संदेश देते हुए कहा कि वे भले ही अपने मित्रों अडानी और अनिल अंबानी के लिए काम करें, लेकिन कांग्रेस का संघर्ष देश के गरीब और आम नागरिक के लिए जारी रहेगा। राहुल ने साफ कर दिया कि विपक्ष अब एपस्टीन फाइल्स और विदेशी डील्स को संसद से सड़क तक बड़ा मुद्दा बनाने जा रहा है।
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