SIR Protest : दिल्ली में 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। जंतर-मंतर के आसपास बड़ी संख्या में युवा, छात्र कार्यकर्ता और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग जुटे। पुलिस ने प्रदर्शन से संबंधित कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 500 से अधिक बताई गई।
पुलिस कार्रवाई के बाद गरमाया सियासी माहौल
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन जताया और कहा कि गांधी जयंती के मौके पर युवा अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरे थे।
राहुल गांधी ने CEC के इस्तीफे का मुद्दा उठाया
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांग स्पष्ट है। वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। राहुल के मुताबिक, यह मांग लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों के संदर्भ में उठाई जा रही है। प्रदर्शन में AISA, SFI, NSUI सहित विभिन्न छात्र और युवा संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं की मौजूदगी की भी रिपोर्ट सामने आई।
प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार पर राहुल का आरोप
राहुल गांधी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं के साथ सरकार का रवैया दमनकारी रहा। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान लड़के-लड़कियों को सड़कों पर घसीटा गया और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया। ये आरोप राहुल गांधी के बयान पर आधारित हैं, जबकि पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और प्रदर्शन से जुड़े प्रतिबंधों का हवाला दिया।
SIR और चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल
प्रदर्शन के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और कथित तौर पर नाम हटाए जाने जैसे मुद्दों पर अपनी आपत्तियां रखीं। SIR को लेकर राजनीतिक दलों और विभिन्न नागरिक समूहों के बीच बहस चल रही है। इस प्रदर्शन में भी इन्हीं मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
गांधी जयंती पर अहिंसा का जिक्र
गांधी जयंती के अवसर पर राहुल गांधी ने महात्मा गांधी के विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांधी ने हमेशा सच बोलने और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का संदेश दिया था। राहुल ने मौजूदा प्रदर्शन को भी इसी अहिंसक विरोध की भावना से जोड़ते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
लाठी से भी सवाल नहीं दबेंगे: राहुल
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पुलिस की कार्रवाई से किसी भीड़ को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है, लेकिन लोगों के मन में उठ रहे सवालों को खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया से संबंधित चिंताओं पर सरकार से जवाब देने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना पड़ेगा और चुनाव व्यवस्था से जुड़ी पूरी व्यवस्था में बदलाव होगा।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ कई स्थानों पर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। प्रशासन का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और प्रदर्शन के दौरान आम लोगों तथा यात्रियों की आवाजाही को प्रभावित होने से रोकना था।
कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की हिरासत
पुलिस कार्रवाई के दौरान पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी, आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा सहित कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई। प्रदर्शन के दौरान CEC के इस्तीफे और SIR से जुड़े मुद्दों को लेकर कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगें उठाईं। घटना के बाद पुलिस कार्रवाई, चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई।
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