Rahul Gandhi PC : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। राहुल गांधी ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर जनता का आंदोलन चल रहा है और अब यह पहले की तुलना में बड़ा होता जा रहा है। उन्होंने राजधानी दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा कि देश की राजधानी को जेल जैसा क्यों बना दिया गया है।
दिल्ली में भारी पुलिस तैनाती पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने दावा किया कि दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है और जगह-जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि राजधानी की सड़कों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। राहुल गांधी के मुताबिक, दिल्ली में 20 से 30 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह कार्रवाई लोगों की नजरों में है और जनता देख रही है कि मौजूदा सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, ये आरोप राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए हैं।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की मांग
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय हुई, जब कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं। विपक्ष की प्रमुख मांगों में कथित वोट चोरी पर रोक लगाना, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग शामिल है। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। वहीं, इन आरोपों और मांगों पर संबंधित पक्षों का जवाब अलग से महत्वपूर्ण रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दलों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और युवाओं का एक समूह सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा। इस दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी मांगें रखी जाएंगी। प्रस्तावित मार्च का उद्देश्य कथित वोट चोरी, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर विपक्ष की चिंताओं को सामने रखना है। मार्च में इंडिया गठबंधन के नेताओं और अन्य प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है।
सोशल मीडिया पोस्ट में युवाओं के प्रदर्शन का जिक्र
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में शामिल होने वाले लोग राजनीतिक दल, जाति, समुदाय, लिंग और राज्य की सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट होंगे। उन्होंने पिछले दिन दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे युवाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिसकर्मियों और भाजपा से जुड़े लोगों ने मारपीट की। राहुल गांधी ने कहा कि वे ऐसा भारत नहीं चाहते, जहां शांतिपूर्ण विरोध के दौरान लोगों को हिंसा का सामना करना पड़े। ये आरोप उनके सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए।
अब आंदोलन और मार्च पर टिकी निगाहें
राहुल गांधी के बयान और प्रस्तावित मार्च के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था, विपक्ष की मांगों और सुप्रीम कोर्ट में ज्ञापन सौंपने की योजना पर सबकी नजर है। अब देखना होगा कि मार्च किस रूप में आगे बढ़ता है और विपक्ष की मांगों पर संबंधित संस्थाओं की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।
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