Rahul Gandhi Vadodara
Rahul Gandhi Vadodara: कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को गुजरात के वडोदरा में आयोजित ‘आदिवासी अधिकार संवाद’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे प्रहार किए। राहुल गांधी ने आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि विकास के नाम पर सबसे ज्यादा शोषण आदिवासियों का ही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में आज ऐसी स्थिति पैदा कर दी गई है जहाँ पिछड़ों और आदिवासियों की आवाज को दबाया जा रहा है।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और भारत के संबंधों पर चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया है। राहुल गांधी के अनुसार, इसके पीछे ‘अदाणी’ और ‘एप्सटी’ जैसे दो मुख्य कारण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने ट्रंप के सामने घुटने टेक दिए हैं और वे वही कर रहे हैं जो अमेरिका का हुक्म है, चाहे वह किसी अन्य देश से तेल न खरीदने का फैसला ही क्यों न हो।
राहुल गांधी ने आदिवासियों की अस्मिता और संपत्ति पर हो रहे हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि जब भी देश में किसी बड़े प्रोजेक्ट या विकास की बात होती है, तो उसका खामियाजा आदिवासियों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा, “चाहे कोई बड़ी मूर्ति बनानी हो या नई खदान खोदनी हो, सरकार सीधे आदिवासियों की जमीन हड़प लेती है। यह दर्शाता है कि व्यवस्था में आपके पास कोई वास्तविक अधिकार नहीं बचा है।” उन्होंने जाति जनगणना की वकालत करते हुए कहा कि जब भी वह इस मुद्दे को उठाते हैं, तो भाजपा और आरएसएस उन पर हमलावर हो जाते हैं।
ईरान युद्ध और संसद के सत्र का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने सदन में 25 मिनट का लंबा भाषण दिया, लेकिन प्रधानमंत्री चर्चा से भागते दिखे। उन्होंने दावा किया कि सरकार संसद में सार्थक बहस करने की हिम्मत खो चुकी है। राहुल गांधी ने सबसे गंभीर आरोप कृषि क्षेत्र को लेकर लगाया। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए खोल दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत के छोटे किसान (1-5 एकड़ वाले) अमेरिका के बड़े मशीनीकृत फार्म्स (5000-10000 एकड़) का मुकाबला नहीं कर पाएंगे और पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे।
गुजरात के हालातों पर चर्चा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि राज्य में सरकारी कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद किए जा रहे हैं और हर चीज का निजीकरण हो रहा है, जिससे गरीब बच्चों के लिए शिक्षा सपना बनती जा रही है। उन्होंने ‘अदाणी’ जैसी बड़ी कंपनियों और निजी अस्पतालों के प्रबंधन की सूची का हवाला देते हुए पूछा कि इनमें कितने आदिवासी वरिष्ठ पदों पर हैं? राहुल ने कहा कि कॉर्पोरेट जगत से लेकर निजी संस्थानों तक में आदिवासियों की हिस्सेदारी शून्य के बराबर है।
राहुल गांधी ने अंत में कहा कि अब समय आ गया है कि आदिवासी समाज अपने भविष्य के लिए एक ठोस घोषणापत्र तैयार करे। उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस देश और गुजरात में आदिवासियों को उनका हक दिलाने और मनरेगा जैसी सुरक्षा योजनाओं को फिर से मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय नहीं मिलता, तब तक विकास की बातें बेमानी हैं।
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