Raigarh road accident: छत्तीसगढ़ का रायगढ़ जिला रविवार दोपहर एक बड़े सड़क हादसे का गवाह बना। घरघोड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घरघोड़ा-कुडुमकेला मार्ग पर एक तेज रफ्तार हाईवा और ट्रेलर के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। यह दुर्घटना इतनी भीषण थी कि टक्कर होते ही दोनों वाहनों के इंजनों में ब्लास्ट हुआ और देखते ही देखते आग की ऊँची लपटें उठने लगीं। इस अग्नितांडव ने दोनों वाहनों के चालकों को संभलने का जरा भी मौका नहीं दिया और वे केबिन के भीतर ही फंसकर रह गए।
केबिन में फंसे रहे चालक: जिंदा जलने से हुई मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 1 बजे जब यह हादसा हुआ, तो टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के ग्रामीण दहल गए। टक्कर के तुरंत बाद दोनों वाहनों के केबिन मलबे में तब्दील हो गए और उनमें भीषण आग लग गई। दुर्भाग्यवश, दोनों वाहनों के ड्राइवर स्टीयरिंग और सीट के बीच इस कदर फंस गए थे कि वे बाहर नहीं निकल सके। आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे एक चालक की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। दूसरे चालक की स्थिति को लेकर शुरुआती संशय के बाद, उसकी भी झुलसने से मृत्यु की आशंका जताई जा रही है।
धुएं के गुबार से ढका आसमान: बाधित हुआ यातायात
हादसे के बाद उठने वाला काला धुआं कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। स्थानीय ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े, लेकिन आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि कोई भी वाहनों के करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। इस दुर्घटना के कारण रायगढ़-घरघोड़ा मुख्य मार्ग पूरी तरह से ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर ट्रकों और यात्री बसों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए यातायात को डाइवर्ट करने के प्रयास शुरू किए।
पुलिस और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही घरघोड़ा थाना प्रभारी कुमार गौरव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल दमकल विभाग को सूचित किया गया। आग बुझाने के लिए तीन दमकल वाहनों को मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस प्रशासन के अनुसार, यह हादसा कुरकुट नाला के पास हुआ है। एक ड्राइवर के शव को बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे वाहन के मलबे और आग के पूरी तरह शांत होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस ने क्रेन की मदद से वाहनों को सड़क से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
तेज रफ्तार और ब्लैक स्पॉट बना हादसे का कारण
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि हाईवा चालक अत्यधिक तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था, जिसके कारण वह संतुलन खो बैठा और सामने से आ रहे ट्रेलर से जा भिड़ा। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। बताया जा रहा है कि कुरकुट नाला के पास का यह क्षेत्र लंबे समय से ‘ब्लैक स्पॉट’ के रूप में चिन्हित है। खराब सड़कों और तीखे मोड़ों के कारण यहाँ पहले भी कई जानलेवा दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन ठोस सुरक्षा उपायों के अभाव में आज फिर दो परिवारों के चिराग बुझ गए।
मृतकों की पहचान और कानूनी प्रक्रिया
फिलहाल पुलिस मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज रही है और उनके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मालिकों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने मामले में लापरवाही का केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की अनियंत्रित गति पर नियंत्रण की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
















