Raigarh Crime : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने प्यार और शादी का झूठा वादा कर एक युवती की जिंदगी बर्बाद कर दी। आरोपी ने न केवल युवती का शारीरिक शोषण किया, बल्कि उसे महीनों तक अपनी पत्नी की तरह घर में रखा और अंत में मारपीट कर उसे बेसहारा छोड़ दिया। यह घटना समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और धोखेबाजी की एक गंभीर तस्वीर पेश करती है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

मजदूरी से शुरू हुई कहानी और फिर शुरू हुआ शोषण का सिलसिला
जानकारी के अनुसार, 21 वर्षीय पीड़िता अप्रैल 2025 में रोजगार की तलाश में दिल्ली गई थी। वहां से लौटने के बाद उसकी मुलाकात रायगढ़ के कोतवाली थाना क्षेत्र के रहने वाले बादल सारथी से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। आरोपी बादल ने युवती को शादी का सुनहरा सपना दिखाया और उसे अपने घर ले आया। करीब तीन महीने तक वह उसे पत्नी की तरह रखता रहा और इस दौरान उसने युवती की मर्जी के खिलाफ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। जब भी युवती विवाह की बात करती, आरोपी बहाने बनाकर बात टाल देता था।
गर्भावस्था की सूचना और आरोपी का दिल्ली से फरार होना
उत्पीड़न की हद तब पार हो गई जब आरोपी ने युवती के साथ मारपीट शुरू कर दी और उसे घर से निकाल दिया। विवश होकर पीड़िता अपने दादा-दादी के पास रहने लगी। जनवरी 2026 में वह दोबारा काम के सिलसिले में दिल्ली गई, लेकिन वहां भी आरोपी उसका पीछा करते हुए पहुंच गया। दिल्ली में एक महीने साथ रहने के दौरान पीड़िता ने बादल को बताया कि वह गर्भवती है। जिम्मेदारी से बचने के लिए आरोपी ने फिर से शादी का झूठा आश्वासन दिया, लेकिन 24 मार्च 2026 को वह पीड़िता को दिल्ली में अकेला छोड़कर चुपचाप रायगढ़ भाग आया।
न्याय की गुहार: जब पीड़िता को नहीं मिला घर में प्रवेश
2 अप्रैल को जब पीड़िता वापस रायगढ़ लौटी और अपने हक के लिए बादल के घर पहुंची, तो उसे वहां अपमान और तिरस्कार मिला। आरोपी ने उसे घर के भीतर घुसने तक नहीं दिया और सरेआम शादी के वादे से मुकर गया। कोई और रास्ता न देख पीड़िता ने महिला थाने की शरण ली और आपबीती सुनाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस की सख्त चेतावनी: महिलाओं की सुरक्षा से नहीं होगा समझौता
रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी भी महिला के साथ इस तरह का अन्याय या शोषण होता है, तो वे डरे नहीं और तुरंत पुलिस को सूचना दें। समय पर दी गई जानकारी अपराधियों को सजा दिलाने और अन्य संभावित पीड़ितों को बचाने में सहायक सिद्ध होती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे गंभीर मामलों में पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी।


















