Raigarh Crime
Raigarh Crime: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने डीजल चोरी के एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए अवैध कारोबार पर कड़ा प्रहार किया है। छाल थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक सुनियोजित कार्रवाई को अंजाम देते हुए करीब 2000 लीटर चोरी का डीजल और तस्करी में इस्तेमाल होने वाला एक बड़ा डीजल टैंकर बरामद किया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। बरामद किए गए डीजल की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख रुपये बताई जा रही है, जबकि जब्त किए गए टैंकर की कीमत करीब 6 लाख रुपये आंकी गई है। इस प्रकार, पुलिस ने कुल 8 लाख रुपये की संपत्ति जब्त करने में सफलता हासिल की है।
पुलिस को पिछले काफी समय से गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं कि हाईवे किनारे खड़े भारी वाहनों से बड़े पैमाने पर ईंधन की चोरी की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए 22 जनवरी को हाटी-धरमजयगढ़ मार्ग पर पुलिस की संयुक्त टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपियों ने सुनसान इलाके में खड़े वाहनों को निशाना बनाने की कोशिश की, पुलिस ने दबिश देकर उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। मौके से भारी मात्रा में डीजल के अलावा चोरी की वारदात में उपयोग किए जाने वाले पाइप, कटर और अन्य तकनीकी उपकरण भी बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस तत्परता ने हाईवे पर चलने वाले ट्रक चालकों को बड़ी राहत दी है।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने अपनी मोडस ऑपरेंडी (कार्यप्रणाली) का खुलासा किया है। यह गिरोह रात के समय सक्रिय होता था और हाईवे किनारे या सुनसान ढाबों के पास खड़े ट्रक और भारी वाहनों की टंकियों को अपना निशाना बनाता था। शातिर चोर बड़े ही पेशेवर तरीके से पाइप और विशेष पंपों की मदद से वाहनों की टंकी से डीजल खींच लेते थे और उसे अपने साथ लाए गए टैंकर में भर लेते थे। इस प्रक्रिया को वे इतनी खामोशी से अंजाम देते थे कि वाहन में सो रहे चालक और क्लीनर को भनक तक नहीं लगती थी। बाद में इस चोरी के डीजल को सस्ते दामों पर स्थानीय बाजार या छोटे उद्योगों में बेच दिया जाता था।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान और उनके निवास स्थान ने पुलिस को हैरान कर दिया है। गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से दो शातिर अपराधी बिहार राज्य के रहने वाले हैं, जबकि गिरोह का तीसरा सदस्य छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का निवासी है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है जो सुनियोजित तरीके से विभिन्न राज्यों में डीजल चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। आरोपियों ने बताया कि वे पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहते थे और केवल उन रास्तों को चुनते थे जहाँ भारी वाहनों का आवागमन अधिक होता था।
रायगढ़ पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य उस ‘नेटवर्क’ तक पहुँचना है जो चोरी का डीजल खरीदने में शामिल है। जांच का दायरा अब उन संदिग्ध ठिकानों तक पहुँच गया है जहाँ यह अवैध ईंधन सप्लाई किया जाता था। पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह में कुछ और स्थानीय लोग भी शामिल हो सकते हैं जो मुखबिरी का काम करते थे। छाल थाना पुलिस आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड और पिछले आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है ताकि इस संगठित अपराध की पूरी चेन को तोड़ा जा सके। आने वाले दिनों में कुछ और महत्वपूर्ण गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।
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