Raigarh Police Raid: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध कबाड़ के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। बुधवार की सुबह जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस की विशेष टीमों ने एक साथ 17 संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस औचक कार्रवाई से कबाड़ माफियाओं में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने इन छापों के दौरान लाखों रुपये मूल्य का अवैध लोहा और मशीनी पुर्जे जब्त किए हैं। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया गया, जिसने कबाड़ के इस संगठित नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।
गढ़उमरिया रोड पर सबसे बड़ा खुलासा: कीमती सामान बरामद
कार्रवाई का मुख्य केंद्र गढ़उमरिया रोड स्थित शहर का सबसे विशाल कबाड़ गोदाम रहा। यहाँ जब पुलिस की टीम पहुँची, तो गोदाम के भीतर का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। जांच के दौरान वहां से भारी मात्रा में पुरानी और नई मोटरसाइकिलें, साइकिलें, निर्माण कार्य में प्रयुक्त होने वाला नया सरिया, भारी गैस सिलेंडर और कई कीमती चार पहिया वाहनों के इंजन पार्ट्स बरामद किए गए। पुलिस को संदेह है कि इनमें से अधिकांश सामान चोरी का है या अवैध रूप से औद्योगिक क्षेत्रों से लाया गया है। जब्त किए गए कबाड़ की कीमत लाखों में आंकी जा रही है, जिसका सटीक मूल्यांकन फिलहाल जारी है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का बयान: जारी रहेगा सख्त अभियान
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अनिल सोनी ने इस पूरी कार्रवाई की कमान संभाली। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध कबाड़ के भंडारण और अवैध खरीद-फरोख्त को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया, “सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में कबाड़ गोदामों की सघन जांच करें। जहाँ भी दस्तावेजों में अनियमितता पाई गई है, वहां माल को जब्त कर संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।” एएसपी ने यह भी संकेत दिया कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आगामी दिनों में भी यह निरंतर जारी रहेगा।
गंभीर सवाल: अब तक किसके संरक्षण में फल-फूल रहा था यह धंधा?
पुलिस की इस बड़ी सफलता के बावजूद, आम जनता और जागरूक नागरिकों के मन में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जिले में 17 अलग-अलग जगहों पर यह अवैध कारोबार वर्षों से चल रहा था, तो स्थानीय पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक अब तक क्यों नहीं लगी? क्या यह पुलिस की विभागीय लापरवाही थी या फिर कबाड़ माफिया को किसी रसूखदार राजनीतिक या प्रशासनिक व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त था? रायगढ़ जैसे औद्योगिक जिले में कबाड़ चोरी एक बड़ी समस्या रही है, ऐसे में अचानक जागी पुलिस की सक्रियता कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रही है।
कबाड़ माफिया और चोरी के सिंडिकेट पर चोट
रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई ने यह तो साफ कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो अवैध धंधों पर लगाम लगाई जा सकती है। अब देखना यह होगा कि क्या पुलिस उन ‘सफेदपोश’ लोगों तक पहुँच पाती है जो इस काले कारोबार के पीछे के असली खिलाड़ी हैं। फिलहाल, जब्त किए गए सामान की सूची बनाई जा रही है और गोदाम संचालकों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि चोरी का माल कहाँ-कहाँ खपाया जा रहा था।
















