Raigarh Student Beaten: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से गुंडागर्दी की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ लक्ष्मीपुर स्थित ओला शोरूम के पास कुछ युवकों ने एक छात्र को घेरकर उसकी लात-घूंसों और डंडों से जमकर पिटाई कर दी। घटना का मुख्य कारण स्कूली समय की पुरानी रंजिश बताई जा रही है। हमलावरों ने न केवल कानून को हाथ में लिया, बल्कि इस पूरी वारदात का वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवकों की बर्बरता साफ देखी जा सकती है, जिससे शहर के नागरिकों में रोष व्याप्त है।
6 फरवरी की घटना: घर लौट रहे छात्र पर जानलेवा हमला
मामले का खुलासा तब हुआ जब दीनदयाल कॉलोनी निवासी पीड़ित छात्र ने कोतवाली थाने में अपनी आपबीती सुनाई। शिकायत के अनुसार, 6 फरवरी को जब वह अपने दोस्तों के साथ स्कूटी से घर लौट रहा था, तभी अभय सिंह ठाकुर, कपिश मित्तल और उनके अन्य साथियों ने बीच सड़क पर उसका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने एक राय होकर पीड़ित पर डंडों और मुक्कों से हमला कर दिया। राहगीरों की मदद से घायल छात्र को अस्पताल पहुँचाया गया। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनमें से 4 नाबालिग बताए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मारपीट का खौफनाक वीडियो
हैरान करने वाली बात यह है कि मारपीट करने वाले गुट के ही एक सदस्य ने इस पूरी घटना को मोबाइल में कैद किया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपी अलग-अलग बाइक और स्कूटी पर सवार होकर गाली-गलौज कर रहे हैं। लक्ष्मीपुर रोड से रामभांठा की ओर जाने वाले रास्ते पर उन्होंने दो छात्रों को रोका और एक को निशाना बनाकर बेरहमी से पीटा। इस दौरान सड़क पर मौजूद लोग मूकदर्शक बने रहे और कोई भी बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। पुलिस ने इस वीडियो को साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है।
पुलिस का कड़ा एक्शन: आरोपियों पर लगी बलवा की धारा
कोतवाली पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। हिरासत में लिए गए बालिग आरोपियों में 19 वर्षीय अभय सिंह ठाकुर और 18 वर्षीय कपिश मित्तल शामिल हैं, जिन्हें रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है। वहीं, 4 नाबालिगों को किशोर न्यायालय में पेश किया जाएगा। सीएसपी मयंक मिश्रा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ सामूहिक हिंसा यानी ‘बलवा’ की धाराएं भी जोड़ी जा रही हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
अभिभावकों को चेतावनी और प्रशासन का कड़ा संदेश
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने स्कूलों और अभिभावकों के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। सीएसपी ने आरोपियों के परिजनों को कार्यालय बुलाकर कड़ी हिदायत दी कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों, संगति और मोबाइल के इस्तेमाल पर कड़ी निगरानी रखें। स्कूलों को भी कैंपस के बाहर अनुशासन बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि रायगढ़ में गुंडागर्दी और सार्वजनिक रूप से कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।
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