Iftaari Attack
Iftaari Attack: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बार फिर गैंगवार और सांप्रदायिक तनाव की आहट से दहल उठी है। सोमवार, 16 मार्च 2026 की शाम, जब पूरा शहर रमजान की इफ्तारी की तैयारियों में जुटा था, तभी मौदहापारा इलाके में एक हिंसक वारदात ने सनसनी फैला दी। इस घटना ने शहर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा है।
सोमवार की शाम मौदहापारा निवासी मोहम्मद अल्ताफ और राशिद अली अपनी बाइक पर सवार होकर इफ्तारी का सामान लेने निकले थे। इसी दौरान ‘रक्सेल गैंग’ के गुर्गों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुरानी रंजिश को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। गैंग के सदस्यों ने दोनों युवकों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे वे लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
वारदात की खबर फैलते ही घायल युवकों के समाज के लोग बड़ी संख्या में मौदहापारा थाने पहुंच गए। स्थिति तब और बिगड़ गई जब दूसरी तरफ से ‘रक्सेल गैंग’ से जुड़े लोग हाथों में नंगी तलवारें लहराते हुए वहां आ धमके। दोनों गुटों के बीच जमकर नारेबाजी हुई, जो देखते ही देखते पत्थरबाजी में तब्दील हो गई। थाने के ठीक सामने खुलेआम तलवारें लहराने और पथराव होने से आम नागरिकों में दहशत फैल गई। पुलिसकर्मियों को उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इस हिंसक घटनाक्रम में बजरंग दल के सदस्यों की एंट्री ने मामले को और संवेदनशील बना दिया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और ‘रक्सेल गैंग’ के खात्मे की मांग को लेकर थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शहर में आपराधिक तत्वों का मनोबल बढ़ गया है, जिससे आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मुख्य आरोपियों—रवि रक्सेल, अभय और हर्ष—पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन उग्र किया जाएगा।
विवाद को सांप्रदायिक रंग लेने से रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए। सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) दीपक मिश्रा खुद स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पहुंचे। शहर के तीन अलग-अलग थानों की पुलिस फोर्स को मौदहापारा में तैनात कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने पीड़ित पक्ष और प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान की जा रही है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हमलावर और पीड़ित एक-दूसरे को पहले से जानते थे और उनके बीच किसी पुरानी बात को लेकर अनबन थी। हालांकि, रमजान के पवित्र महीने में इस तरह की घटना को अंजाम देना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा भी हो सकता है, जिसकी पुलिस गहनता से तफ्तीश कर रही है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस की गश्ती तेज कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को दोबारा होने से रोका जा सके।
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