छत्तीसगढ़

Raipur Bulldozer Action : रायपुर में हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं के ऑफिस पर चला बुलडोज़र , डिप्टी CM बोले—”आतंक का फन कुचलना मालूम है”

Raipur Bulldozer Action : रायपुर के भाठागांव स्थित पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर रहित सिंह तोमर और वीरेंद्र सिंह तोमर के संदिग्ध सूदखोरी कार्यालय पर नगर निगम की टीम शनिवार-सुबह पहुंची और कार्यालय को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। यह बड़ा खुलासा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कार्यालय कानूनविरुद्ध निर्माण था।‌ रोहित ने पत्नी भावना तोमर के नाम से यह कार्यालय खोलकर यहां से धार्मिक दुकानदारों, व्यवसायियों और आम लोगों को ब्लैकमेल करने का काम संचालित किया था।

आरोपी दो महीने से फरार, पुलिस ने रखा इनाम

दो प्रमुख आरोपी—रोहित तोमर और वीरेंद्र तोमर—पिछले लगभग दो महीने से पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस ने गिरफ़्तारी में सहायता करने पर मुखबिर को पुरस्कृत करने संबंधी योजना बनाई है और आरोपियों का पता बताने पर इनाम की घोषणा की है। डिप्टी CM अरुण साव ने साफ कहा कि अपराधियों के साथ फोटो या बड़े राजनीतिक संपर्क होने से उन्हें सुरक्षा प्राप्त नहीं होती—कानून के आगे सभी बराबर हैं।

डिप्टी सीएम का सख्त संदेश—”बुलडोजर बोलेगा”

प्रदेश के डिप्टी मुख्य मंत्री अरुण साव ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हम विपक्ष में भी स्पष्ट थे, आज शासन में आकर भी साफ हैं—जब माइक से अपराधियों को चेताया था, आज बुलडोजर उसी भाषा में बोलता है। चाहे कोई तुर्रमखां हो या आतंकी संगठन, कानून के ऊपर कोई नहीं। आतंक का फन फैलाओगे, तो फन कुचलने के हुनर को भी सरकार जानती है।”

गृह मंत्री का पॉइंट—”कानून से बड़ा कोई नहीं”

गृह मंत्री विजय शर्मा ने ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर साझा बयान में कहा कि किसी मंत्री या मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाने से कानून से बचाव नहीं मिलता। उन्होंने लिखा, “तोमर ने अनेक नागरिकों को कष्ट पहुंचाया है। अब बुलडोजर चला है। यह साबित करता है कि कानून से बड़ा कोई नहीं।” उनकी चर्चा में इस बात पर जोर था कि सुप्रीम कोर्ट से लेकर पुलिस महकमे तक, सभी को अपराधियों के खिलाफ सख्त होना चाहिए।

पत्नी भावना तोमर की गिरफ्तारी, जगुआर कार वसूलने के आरोप

करीब 10 दिन पहले पुलिस ने भावना तोमर को हिरासत में लिया था। वह शुभकामना वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड की संचालिका थी और इस कंपनी के माध्यम से जमीन की खरीद-बिक्री का ऑडिट की तरह काम करती थी। आरोप हैं कि उसने एक पीड़ित से 3 लाख रुपये उधार लिए और वह व्यक्ति जगुआर कार (15 लाख रुपये की) गिरवी रख चुका था। बावजूद इसके, आगे 5 लाख की वसूली की मांग की। इस दौरान जब मोबाइल चैट, खत और अन्य खरीद से संबंधित दस्तावेज मिले, तो पुलिस ने जगुआर कार, दो फोन और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिए।

कार असली मालिक का खुलासा, वारंटी का बहाना

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरवी रखी हुई जगुआर कार वास्तव में भिलाई निवासी मनोज कुमार वर्मा की है। पांच साल पहले उसने थोड़े ब्याज के साथ 3 लाख रुपये उधार लिए थे, जिसे वापसी के बावजूद, तोमर परिवार ने कार नहीं लौटाई। मनोज जी ने बताया कि उसने 5 लाख रुपये वापस किए, तब भी कार वापस नहीं की गई। यह खुलासा करने वाला तथ्य साबित करता है कि तोमर बंधु मानव जीवन को ही गिरवी रखने जैसे मानसिक स्तर पर कार्य करते थे—जो ब्लैकमेलिंग का हिस्सा है।

वीरेन्द्र और रोहित पर दर्ज हैं 6 से अधिक मुकदमे

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वीरेंद्र और रोहित के खिलाफ सूदखोरी, धमकी, ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली से जुड़े 6 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। महीने भर से ऊपर से दोनों आरोपी फरार हैं। पुलिस ने कई राज्यों में इनके ठिकानों की जांच के लिए टीम भेजी, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई। इस बीच कोर्ट ने 18 जुलाई को दोनों को फरार घोषित करते हुए ‘उद्घोषणा’ (Proclamation Notice) जारी कर दी।

उद्घोषणा का मतलब और कानूनी असर

जब कोई आरोपी लगातार अदालत की सुनवाई से गायब रहता है, तो अदालत एक सार्वजनिक घोषणा—उद्घोषणा—जारी करती है। यह आम तौर पर पत्रिका, सार्वजनिक स्थानों पर नोटिस बोर्ड आदि पर चिपकाकर की जाती है। इससे आरोपी सामने आने से बच नहीं सकता। यदि वह तय तारीख तक अदालत में पेश नहीं होता, तो कोर्ट गैर-ज़मानती वारंट, कुर्की, संपत्ति जब्ती जैसी सख्त कार्रवाई भी कर सकती है।

रायपुर में हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं के कार्यालय पर बुलडोजर चलाना सिर्फ एक इमारत गिराने से परे था। यह सरकार और पुलिस की शक्तिशाली संदेश थी कि अपराधियों के लिए कोई छूट नहीं। चाहे आरोपी कितना भी राजनीतिक प्रभावी क्यों न हो, कानून और व्यवस्था की यह पहल यह गवाही देती है कि ग्रामीणों और शहरवासियों का विश्वास बहाल करने का प्रयास जारी है। अब सवाल उठता है: क्या गिरफ्तारियाँ होंगी? कब तक फरार आरोपी न्याय की पकड़ में आएंगे? लेकिन एक बात साफ है—“आतंक का फन फैलाओगे, फन कुचलना मालूम है।”

Read More  : Exam Dress Code Rule : छत्तीसगढ़ में आबकारी कांस्टेबल परीक्षा में हंगामा: ड्रेस कोड और देरी पर सख्ती, कई अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित

Thetarget365

Recent Posts

Ambikapur Land Mafia : अंबिकापुर में भू-माफियाओं पर चला प्रशासन का डंडा, रिंगबांध तालाब से अवैध कब्जा हटाना शुरू

Ambikapur Land Mafia : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में बस स्टैंड के पास स्थित ऐतिहासिक…

1 hour ago

WB Elections : सुप्रीम कोर्ट से टीएमसी को बड़ा झटका, काउंटिंग सुपरवाइजरों की नियुक्ति पर हस्तक्षेप से इनकार

WB Elections : पश्चिम बंगाल में मतगणना (Counting) की प्रक्रिया और निष्पक्षता को लेकर सत्ताधारी…

1 hour ago

Balcony Gardening Tips : बाजार की महंगी भिंडी को कहें बाय-बाय, बालकनी में उगाने का यह जादुई तरीका जानें

Balcony Gardening Tips : भारतीय व्यंजनों में भिंडी का एक विशेष स्थान है। चाहे मसालेदार…

2 hours ago

Viral Video : शादी में ड्रोन से शूटिंग कर रहा था फोटोग्राफर, चाचा ने बंदूक तानकर कर दिया खेल

Viral Video : आज के दौर में सोशल मीडिया हमारी जीवनशैली का एक अभिन्न अंग…

2 hours ago

Anemia in Children : सुस्ती और पीलापन है खतरे की घंटी, बच्चों में खून की कमी का सच

Anemia in Children : आज के दौर में छोटे बच्चों में खून की कमी यानी…

2 hours ago

Puja Room Vastu : घर की पूजा और मंदिर के दर्शन, आपके जीवन पर कैसे होता है अलग असर?

Puja Room Vastu : अक्सर भक्तों के मन में यह जिज्ञासा उत्पन्न होती है कि…

2 hours ago

This website uses cookies.