Raipur Delhi Flight
Raipur Delhi Flight : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद निराशाजनक खबर सामने आई है। एयर इंडिया ने आगामी 1 जून 2026 से रायपुर से दिल्ली के बीच संचालित होने वाली अपनी दोपहर की मुख्य उड़ान को पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही निजी क्षेत्र की प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो ने भी रायपुर से चलने वाली अपनी कई महत्वपूर्ण उड़ानों के फेरों में भारी कटौती का ऐलान कर दिया है। दोनों ही बड़ी एयरलाइंस कंपनियों ने इस कड़े फैसले के पीछे विमान ईंधन की आसमान छूती कीमतों और लगातार बढ़ते जा रहे ऑपरेशनल खर्चों (परिचालन लागत) को मुख्य वजह बताया है।
रायपुर-दिल्ली हवाई मार्ग पर एयर इंडिया की इस दोपहर वाली फ्लाइट के बंद होने का सबसे बड़ा और सीधा झटका उन यात्रियों को लगेगा जो व्यापार, सरकारी कामकाज या फिर किसी मेडिकल इमरजेंसी के सिलसिले में नियमित रूप से देश की राजधानी दिल्ली आते-जाते हैं। अब इस रूट पर सफर करने वाले यात्रियों के पास बेहद सीमित विकल्प रह जाएंगे। दोपहर की फ्लाइट बंद होने की वजह से लोगों को मजबूरी में सुबह जल्दी या फिर देर रात की उड़ानों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे उनकी दिनचर्या और तय योजनाएं पूरी तरह प्रभावित होंगी।
रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रोजाना सैकड़ों लोग सफर करते हैं। इनमें से दोपहर की फ्लाइट को उन यात्रियों के लिए सबसे मुफीद और सुविधाजनक माना जाता था, जो सुबह के वक्त रायपुर में अपना जरूरी काम निपटाकर आधे दिन में दिल्ली पहुंचना चाहते थे। एयर इंडिया के इस अचानक आए फैसले के बाद से ट्रैवल एजेंटों और नियमित हवाई यात्रियों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई है। ट्रैवल एक्सपर्ट्स का मानना है कि उड़ानों की संख्या घटने के कारण आने वाले दिनों में इस रूट पर उपलब्ध सीटों की भारी कमी हो जाएगी, जिसका सीधा असर टिकटों की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में देखने को मिल सकता है।
हवाई यात्रियों की मुश्किलें सिर्फ दिल्ली रूट तक ही सीमित नहीं हैं। एयर इंडिया के नक्शेकदम पर चलते हुए इंडिगो एयरलाइंस ने भी रायपुर से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण शहरों के रूट्स में कटौती कर दी है। नई व्यवस्था के तहत रायपुर-लखनऊ-भुवनेश्वर के बीच चलने वाली फ्लाइट अब सप्ताह में केवल 4 दिन ही अपनी सेवाएं देगी। इसी तरह, रायपुर-पुणे-चेन्नई मार्ग पर संचालित होने वाली फ्लाइट के फेरों को भी घटाकर हफ्ते में सिर्फ 3 दिन कर दिया गया है।
इन रूट्स पर उड़ानों की संख्या कम होने के कारण अब यात्रियों को अपनी यात्रा की प्लानिंग बहुत पहले से करनी होगी। रायपुर से पुणे और चेन्नई जैसे महानगरों के लिए सबसे ज्यादा सफर आईटी सेक्टर के पेशेवर, उच्च शिक्षा हासिल कर रहे छात्र और बड़े व्यापारी करते हैं। इन रूटों पर सीधी कनेक्टिविटी कम होने से अब यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे न केवल उनका समय बर्बाद होगा बल्कि जेब पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
विमानन कंपनियों के प्रबंधन का साफ कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी हवाई ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतें और रोजमर्रा के ऑपरेशनल खर्चे उनके बजट पर भारी दबाव बना रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में विमानों के रखरखाव और संचालन की लागत में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। यही वजह है कि कंपनियां अब उन रूट्स पर उड़ानों को कम कर रही हैं जहां यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है या जहां से उन्हें पर्याप्त कमर्शियल मुनाफा नहीं मिल पा रहा है।
नागरिक उड्डयन विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय घरेलू विमानन क्षेत्र इस समय अपनी लागत और यात्रियों की मांग के बीच संतुलन स्थापित करने के बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है। घाटे को कम करने के लिए देश की कई एयरलाइंस अपने पूरे नेटवर्क की गहराई से समीक्षा कर रही हैं। हालांकि रायपुर जैसे तेजी से उभरते शहरों में हवाई यात्रियों का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद कुछ विशिष्ट रूट्स पर कंपनियों को मनमुताबिक व्यावसायिक लाभ नहीं मिल पा रहा है। एयर इंडिया द्वारा रायपुर-दिल्ली फ्लाइट को बंद करना इसी कॉस्ट-कटिंग रणनीति का हिस्सा है।
उड़ानों में की गई इस कटौती का नकारात्मक असर केवल आम यात्रियों तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। इसका एक बड़ा नुकसान स्थानीय ट्रैवल एजेंसियों, होटल कारोबार, टूरिज्म और बिजनेस ट्रैवल सेक्टर को भी भुगतना पड़ेगा। रायपुर की बड़े और प्रमुख शहरों से सीधी एयर कनेक्टिविटी टूटने या कमजोर होने से छत्तीसगढ़ में व्यापारिक गतिविधियों और निवेश के सिलसिले में आने-जाने वाले उद्यमियों की संख्या में कमी आ सकती है।
रायपुर के स्थानीय निवासियों और यात्रियों का कहना है कि पहले से ही कई रूट्स पर हवाई टिकटों के दाम आसमान छू रहे हैं। अब उड़ानों की संख्या में इस नई कटौती के बाद बचे हुए विमानों के किरायों में और अधिक उछाल आने की पूरी आशंका है। यह स्थिति उन मरीजों के लिए सबसे ज्यादा कष्टदायक होगी जिन्हें इलाज के लिए दिल्ली या चेन्नई जाना पड़ता है। हालांकि, एयरलाइंस कंपनियों ने आश्वासन दिया है कि यदि आने वाले समय में बाजार की स्थिति और यात्रियों की मांग में सुधार होता है, तो वे अपने इस फ्लाइट शेड्यूल की दोबारा समीक्षा कर सकती हैं। फिलहाल, सभी यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी सफर पर निकलने से पहले उड़ानों की नई समय-सारणी और उपलब्धता की अच्छी तरह जांच कर लें।
Bengal Madrasa Vande Mataram : पश्चिम बंगाल के शिक्षा क्षेत्र से आई एक बड़ी खबर…
WB Cabinet Expansion : पश्चिम बंगाल में नवगठित भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के मंत्रिमंडल…
Supreme Court New Judges : देश की शीर्ष अदालत में न्याय प्रक्रिया को और अधिक…
Terrace Gardening Tips : आजकल के शहरी जीवन में कंक्रीट के जंगलों के बीच खुली…
Heron Like Dinosaur: दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना के पैटागोनिया क्षेत्र में वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने…
Middle East War Update : पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिका और…
This website uses cookies.