Raipur Mekahara News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) से मंगलवार को सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक खूंखार कैदी फरार हो गया। फरार कैदी की पहचान 26 वर्षीय साहेब कुमार ताती के रूप में हुई है। वह हत्या के एक संगीन मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। अस्पताल जैसे सार्वजनिक और व्यस्त स्थान से कैदी के भागने की खबर ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के तुरंत बाद शहर भर में नाकाबंदी कर दी गई है और आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है।

कैदी का आपराधिक इतिहास: बिहार का रहने वाला है साहेब कुमार ताती
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, साहेब कुमार ताती मूल रूप से बिहार के जमुई जिले का निवासी है। उसे रायपुर की एक विशेष अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) और 109 के तहत दोषी पाते हुए उम्रकैद के साथ-साथ 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। वह 19 मार्च 2025 से जेल में अपनी सजा काट रहा था। उसकी गिनती जेल के गंभीर अपराधियों में होती थी, यही कारण है कि उसकी सुरक्षा को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए गए थे।
इलाज के बहाने लाया गया था मेकाहारा: सुरक्षा में तैनात थे प्रहरी
जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से साहेब कुमार की तबीयत खराब चल रही थी। जेल की डिस्पेंसरी में प्राथमिक उपचार के बाद, बेहतर चिकित्सकीय सुविधा और विशेषज्ञ परामर्श के लिए जेल प्रबंधन ने उसे मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल के वार्ड में उसकी 24 घंटे निगरानी के लिए पुलिस बल और जेल प्रहरियों की तैनाती की गई थी। नियमानुसार कैदी को बेड से जंजीर या हथकड़ी के जरिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए था, लेकिन यहाँ सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई।
चकमा देकर हुआ रफूचक्कर: प्रहरियों की आंखों में झोंकी धूल
24 मार्च की दोपहर, जब अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की काफी भीड़ थी, साहेब कुमार ने एक सोची-समझी साजिश के तहत प्रहरियों का ध्यान भटकाया। उसने किसी बहाने से सुरक्षाकर्मियों को उलझाया और जैसे ही उसे मौका मिला, वह वार्ड की खिड़की या दरवाजे से भाग निकला। जब तक प्रहरियों को अहसास हुआ कि कैदी गायब है, तब तक वह अस्पताल परिसर से बाहर निकल चुका था। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
बड़ी कार्रवाई: लापरवाही बरतने वाले दो प्रहरी तत्काल प्रभाव से निलंबित
ड्यूटी के दौरान घोर लापरवाही बरतने और कैदी को भागने का मौका देने के आरोप में उच्चाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। ड्यूटी पर तैनात प्रहरी गोपी किशन कौशिक और प्रमोद कुमार सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभाग ने उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। पुलिस महानिरीक्षक और जेल अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तलाश जारी: सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस की विशेष टीमें
फरार कैदी साहेब कुमार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और शहर के एग्जिट पॉइंट्स पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस अस्पताल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि वह किस दिशा में भागा है और क्या उसे बाहर से किसी ने मदद मुहैया कराई थी। पुलिस को संदेह है कि वह अपने गृह राज्य बिहार भागने की फिराक में हो सकता है।


















