Raipur News
Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर पालिक निगम ने संपत्तिकर (Property Tax) की वसूली को लेकर अपना रुख बेहद कड़ा कर लिया है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति के करीब आते ही निगम प्रशासन उन बकायेदारों पर शिकंजा कस रहा है, जिन्होंने बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अपने करों का भुगतान नहीं किया है। इसी कड़ी में रायपुर नगर निगम के जोन-10 क्षेत्र में एक बड़ा अभियान चलाकर हड़कंप मचा दिया गया, जिसमें भारी बकाया राशि वाले कई व्यावसायिक परिसरों को मौके पर ही सील कर दिया गया।
नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के कड़े निर्देशों के पालन में राजस्व विभाग की टीम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी। राजस्व अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन और जोन कमिश्नर मोनेश्वर शर्मा के नेतृत्व में टीम ने जोन-10 के विभिन्न वार्डों में दबिश दी। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उन बड़े बकायेदारों से टैक्स वसूलना था, जो पिछले कई वर्षों से निगम के राजस्व को चूना लगा रहे थे। इस औचक कार्रवाई से पूरे व्यापारिक क्षेत्र में खलबली मच गई।
निगम की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से उन वार्डों को निशाना बनाया जहाँ बकायेदारों की संख्या और राशि सबसे अधिक थी। इसमें रानी दुर्गावती वार्ड (49), डॉ. राजेंद्र प्रसाद वार्ड (52), बाबू जगजीवन राम वार्ड (53), रवींद्रनाथ टैगोर वार्ड (55) और लेफ्टिनेंट अरविंद दीक्षित वार्ड (56) शामिल रहे। इन क्षेत्रों में कुल 14 बड़े बकायेदारों को चिन्हित किया गया था, जिनके खिलाफ सालों से टैक्स न चुकाने के कारण कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई है। सीलबंदी से पहले संबंधित सभी 14 बकायेदारों को नियमानुसार ‘डिमांड बिल’ भेजे गए थे। इसके बाद उन्हें औपचारिक नोटिस और फिर ‘अंतिम चेतावनी’ भी जारी की गई थी। इसके बावजूद जब बकायेदारों ने भुगतान में कोई रुचि नहीं दिखाई, तब प्रशासन को विवश होकर दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर ताला लगाने का कठोर निर्णय लेना पड़ा।
अभियान के दौरान कुल 9 से ज्यादा व्यावसायिक परिसरों को पूरी तरह सील कर दिया गया। इनमें से कुछ परिसरों में दस्तावेजी गड़बड़ी और भारी टैक्स बकाया पाया गया था। हालांकि, मौके पर कुछ बकायेदारों ने मानवीय आधार पर समय की मांग की। पंचूराम साहू और लच्छूराम साहू जैसे कुछ करदाताओं ने बकाया राशि जमा करने के लिए 24 घंटे की मोहलत मांगी, जिसे निगम अधिकारियों ने स्वीकार कर लिया। लेकिन स्पष्ट कर दिया गया कि यदि तय समय सीमा में भुगतान नहीं हुआ, तो उनके प्रतिष्ठान भी सील कर दिए जाएंगे।
नगर निगम रायपुर ने शहर के सभी नागरिकों और व्यापारियों से पुरजोर अपील की है कि वे सीलबंदी और कानूनी पचड़ों से बचने के लिए समय रहते अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा करें। निगम अधिकारियों का कहना है कि जमा किया गया टैक्स ही शहर के विकास कार्यों और सफाई व्यवस्था में उपयोग होता है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और भी तेज होगा और किसी भी बड़े बकायेदार को बख्शा नहीं जाएगा।
Read More : Raipur Police: चलती पुलिस वैन से कूदे 3 नाबालिग, उरला पुलिस की लापरवाही से राजधानी में मचा हड़कंप!
Ambikapur News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में आयोजित हो रहे नेशनल ट्राइबल गेम्स…
Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की…
Durg Fire News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से लापरवाही की एक ऐसी खबर सामने आई…
Bengaluru Crime: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर…
US Protests: मध्य-पूर्व में गहराते युद्ध के बादलों और ईरान के साथ बढ़ते सैन्य संघर्ष…
US-Iran Conflict: मध्य-पूर्व (Middle East) में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक बड़ी खबर सामने…
This website uses cookies.