Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक मेडिकल अभ्यर्थी ने मौत को गले लगा लिया। भांठागांव स्थित अवधपुरी कॉलोनी में रविवार को एक नीट (NEET) परीक्षार्थी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पूरी कॉलोनी में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस के अनुसार, मृतक छात्र की पहचान रायगढ़ जिले के निवासी पुष्पेंद्र पटेल के रूप में हुई है। यह दुखद मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है, जिसने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और उन पर पड़ने वाले दबाव की ओर सबका ध्यान खींचा है।
लोहे के तार से फंदा लगाकर दूसरी मंजिल से लगाई छलांग
घटना की संवेदनशीलता और भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छात्र ने आत्मघाती कदम उठाने के लिए एक दर्दनाक तरीका चुना। जानकारी के मुताबिक, पुष्पेंद्र भांठागांव में एक किराए के मकान में रहकर डॉक्टर बनने का सपना संजोए नीट की तैयारी कर रहा था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि छात्र ने मकान की दूसरी मंजिल पर अपने गले में जीआई तार (लोहे का मजबूत तार) का फंदा बांधा और वहां से नीचे छलांग लगा दी। तार का झटका इतना तेज था कि छात्र की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
घटना की सूचना मिलते ही पुरानी बस्ती थाना पुलिस की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और छात्र के शव को तार के फंदे से नीचे उतारा। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने पंचनामा की कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने छात्र के कमरे की भी गहन तलाशी ली है ताकि किसी सुसाइड नोट या अन्य सुराग का पता लगाया जा सके। कमरे से कुछ निजी सामान और दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनका विश्लेषण जांच के दौरान किया जाएगा।
मानसिक दबाव और तनाव की आशंका: परिजनों को दी गई सूचना
पुलिस ने इस दुखद घटना की जानकारी रायगढ़ में रहने वाले मृतक के परिजनों को दे दी है। घर का चिराग बुझने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। हालांकि, अभी तक आत्महत्या के सटीक कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन शुरुआती पूछताछ और परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस इसे प्रतियोगी परीक्षा के तनाव से जोड़कर देख रही है। आसपास रहने वाले अन्य छात्रों और मकान मालिक से भी पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुष्पेंद्र पिछले कुछ दिनों से अपनी पढ़ाई और आने वाली परीक्षा को लेकर काफी मानसिक दबाव में था।
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ती चिंता और विशेषज्ञों की राय
कोटा के बाद अब रायपुर जैसे शहरों में भी छात्रों द्वारा आत्महत्या के मामले बढ़ना एक गंभीर चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी के दौरान छात्र अक्सर अकेलेपन और ‘परफॉरमेंस एंग्जायटी’ (बेहतर प्रदर्शन का डर) का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है कि वे बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और उन पर केवल परिणामों के लिए दबाव न डालें। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के समय और अन्य तकनीकी पहलुओं की पुष्टि हो सके।
Read More: Terrorist Nijjar: कनाडाई मीडिया की रिपोर्टिंग पर उठे सवाल, आतंकी निज्जर को ‘सिख नेता’ कहना पड़ा भारी
















