Raipur New Sub Registrar Office : राजधानी रायपुर में जमीन और प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री बढ़ने के साथ अब पंजीयन विभाग रजिस्ट्री की सुविधा लोगों के और करीब पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। इसी कड़ी में टाटीबंध और बिरगांव में नए उपपंजीयक कार्यालय शुरू किए जाने की तैयारी है। विभाग ने दोनों जगहों पर कार्यालय शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। संभावना जताई जा रही है कि अगले दो महीने के भीतर दोनों नए कार्यालय काम करना शुरू कर सकते हैं।
टाटीबंध-बिरगांव के लोगों को मिलेगी राहत
नए उपपंजीयक कार्यालय शुरू होने के बाद टाटीबंध, बिरगांव और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को जमीन या मकान की रजिस्ट्री कराने के लिए रायपुर कलेक्टोरेट स्थित मुख्य पंजीयन कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्थानीय स्तर पर ही रजिस्ट्री की सुविधा मिलने से लोगों को लंबी दूरी तय करने से राहत मिलेगी। इससे समय और आने-जाने में होने वाला खर्च भी बचने की उम्मीद है।
निवेश क्षेत्र बढ़ने से जमीन की खरीद-बिक्री बढ़ी
रायपुर के निवेश क्षेत्र का दायरा बढ़ने के बाद जमीन की खरीद-बिक्री में भी तेजी आई है। मास्टर प्लान-2031 के तहत पहले निवेश क्षेत्र में 41 गांव शामिल थे। अब इसमें 65 और गांवों को जोड़ा गया है। इसके बाद निवेश क्षेत्र में शामिल गांवों की कुल संख्या बढ़कर 106 हो गई है। इन क्षेत्रों में विकास गतिविधियां बढ़ने के साथ जमीन और प्रॉपर्टी के लेन-देन में भी वृद्धि हुई है।
106 गांवों में बढ़ी रजिस्ट्री की जरूरत
निवेश क्षेत्र में नए गांवों के शामिल होने और वहां विकास कार्यों के विस्तार के कारण संपत्तियों की खरीद-बिक्री बढ़ रही है। ऐसे में लोगों को प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की सुविधा अपने आसपास उपलब्ध कराने की जरूरत महसूस की जा रही है। पंजीयन विभाग इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए नए उपपंजीयक कार्यालय खोलने की दिशा में काम कर रहा है। टाटीबंध और बिरगांव में प्रस्तावित कार्यालय इसी योजना का हिस्सा हैं।
मुख्य रजिस्ट्री कार्यालय में बढ़ती है भीड़
रायपुर कलेक्टोरेट स्थित मुख्य पंजीयन कार्यालय में सामान्य दिनों के मुकाबले त्योहारों और वित्तीय वर्ष के अंतिम समय में रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या काफी बढ़ जाती है। खासकर मार्च के आखिरी दिनों में कार्यालय में भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऑनलाइन आवेदन और अपॉइंटमेंट की व्यवस्था होने के बावजूद दस्तावेजों के पंजीयन के लिए लोगों को कार्यालय पहुंचना पड़ता है। अधिक संख्या में आवेदकों के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ सकता है।
नए कार्यालयों से मुख्य कार्यालय का दबाव घटेगा
टाटीबंध और बिरगांव में नए उपपंजीयक कार्यालय शुरू होने से मुख्य पंजीयन कार्यालय पर काम का दबाव कम होने की उम्मीद है। आसपास के क्षेत्रों के लोग अपने नजदीकी कार्यालय में रजिस्ट्री करा सकेंगे। इससे एक तरफ स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ कलेक्टोरेट स्थित मुख्य कार्यालय में भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। विभाग का उद्देश्य पंजीयन सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
रायपुर के दूसरे क्षेत्रों में भी चल रहे कार्यालय
पंजीयन विभाग ने रायपुर के कुछ अन्य इलाकों में भी उपपंजीयक कार्यालय शुरू किए हैं। सड्डू और मोवा क्षेत्र की तरफ विधानसभा रोड स्थित बेबीलॉन टॉवर और श्रीराम बिजनेस पार्क में ऐसे कार्यालय पहले से संचालित हो रहे हैं। आसपास के लोग इन कार्यालयों में अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्री करा रहे हैं। इससे उन्हें कलेक्टोरेट स्थित मुख्य कार्यालय तक जाने की जरूरत कम हो गई है।
समय और यात्रा खर्च की होगी बचत
स्थानीय स्तर पर उपपंजीयक कार्यालय उपलब्ध होने से लोगों को रजिस्ट्री के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। इससे आने-जाने में लगने वाला समय और परिवहन पर होने वाला खर्च बचता है। साथ ही प्रॉपर्टी से जुड़े कामों के लिए लोगों को अपने क्षेत्र के नजदीक ही सरकारी सेवा उपलब्ध हो जाती है। इसी मॉडल को अब टाटीबंध और बिरगांव तक विस्तार देने की तैयारी की जा रही है।
रजिस्ट्री सुविधा घर के करीब पहुंचाने की तैयारी
टाटीबंध और बिरगांव में नए कार्यालय शुरू होने के बाद इन क्षेत्रों के अलावा आसपास के निवेश क्षेत्र में शामिल गांवों के लोगों को भी इसका लाभ मिल सकेगा। जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों की खरीद-बिक्री के लिए उन्हें मुख्य कार्यालय तक जाने की आवश्यकता कम होगी। पंजीयन विभाग का उद्देश्य बढ़ती प्रॉपर्टी गतिविधियों के बीच रजिस्ट्री की सुविधा लोगों के घर के करीब उपलब्ध कराना और मुख्य कार्यालय पर बढ़ते दबाव को कम करना है।
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