Online Satta Case : छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा एप के जरिए कथित तौर पर सट्टा संचालित करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में मुख्य आरोपी बाबू उर्फ गुलशन खेमानी की करीब 1.42 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने का आदेश न्यायालय ने दिया है। कुर्क की जाने वाली संपत्तियों में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में स्थित जमीन, व्यावसायिक दुकान और बैंक खाते में जमा राशि शामिल हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई वित्तीय जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई है।
गंज थाना और ACCU ने की वित्तीय जांच
पुलिस के मुताबिक, गंज थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेनदेन की जांच की। जांच में आरोपी से संबंधित संपत्तियों की जानकारी जुटाई गई और इसके बाद न्यायालय में कुर्की के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर ने 16 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश पारित किया। पुलिस अब मामले से जुड़ी अन्य संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है।
13 अप्रैल को हुआ था सट्टा गिरोह का खुलासा
पुलिस के अनुसार, 13 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया था। इस मामले में मुख्य आरोपी सहित अब तक 29 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि गिरोह कॉल सेंटर, मोबाइल नंबरों और अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल कर सट्टे का नेटवर्क चलाता था। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका और आर्थिक गतिविधियों की जांच कर रही है।
बैंक खातों के जरिए होता था पैसों का लेनदेन
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि सट्टे से प्राप्त रकम पहले दूसरे लोगों के बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद इस राशि को अलग-अलग खातों के माध्यम से संबंधित लोगों के खातों में स्थानांतरित किया जाता था। इस प्रक्रिया में सहयोग करने वाले लोगों को कमीशन दिए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस इस लेनदेन से जुड़े बैंक रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
पहले भी जब्त की जा चुकी है सामग्री और वाहन
इस प्रकरण में पुलिस पहले ही करीब 1.20 करोड़ रुपये मूल्य की सामग्री और वाहन जब्त कर चुकी है। अब मुख्य आरोपी से जुड़ी संपत्तियों की कुर्की का आदेश मामले में एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। संपत्तियों की पहचान और मूल्यांकन के बाद न्यायालय में आवेदन दिया गया था। पुलिस की जांच का उद्देश्य कथित सट्टा नेटवर्क से जुड़े आर्थिक संसाधनों का पता लगाना और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करना है।
छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र तक मिली संपत्तियां
न्यायालय के आदेश के अनुसार, महासमुंद जिले के ग्राम अरंड में 1.78 लाख रुपये मूल्य की कृषि भूमि, रायपुर के देवपुरी में 23 लाख रुपये का भूखंड और जोरा पारा में 2.50 लाख रुपये का भूखंड शामिल है। इसके अलावा महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ में 74 लाख रुपये मूल्य की व्यावसायिक दुकान और बैंक ऑफ इंडिया के एफडी खाते में जमा 40.50 लाख रुपये की राशि भी कुर्की के आदेश में शामिल है। पुलिस अन्य संभावित संपत्तियों की जांच जारी रखे हुए है।
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