Raipur Police action: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अपहरण, मारपीट और लूट की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है। अपराधियों ने न केवल दो व्यक्तियों को बंधक बनाया, बल्कि हथियारों के दम पर उनसे जमीन के कागजातों पर जबरन दस्तखत भी करवा लिए थे। समय रहते पुलिस की दखलंदाजी से दो बेगुनाह जिंदगियां बच गईं और शहर में एक बड़ी वारदात होने से टल गई।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस की त्वरित स्ट्राइक
यह पूरी घटना 19 फरवरी 2026 की है। रायपुर पुलिस को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि थाना आजाद चौक के अंतर्गत आने वाले घोराही तालाब रामकुंड इलाके में कुछ असामाजिक तत्वों ने दो व्यक्तियों को अवैध रूप से बंधक बना रखा है। सूचना यह भी थी कि उनके साथ बेरहमी से मारपीट की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीसीपी वेस्ट संदीप पटेल ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया और तत्काल एक विशेष टीम को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
रामकुंड क्षेत्र की घेराबंदी और बंधकों की सुरक्षित रिहाई
एडिशनल डीसीपी राहुल देव शर्मा और एसीपी इशु अग्रवाल के नेतृत्व में आजाद चौक पुलिस की टीम ने रामकुंड क्षेत्र में मोर्चा संभाला। पुलिस ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया ताकि अपराधी भाग न सकें। सघन तलाशी के दौरान एक संदिग्ध झोपड़ी पर छापा मारा गया। वहां से पुलिस ने जीवन यदु और राकेश शर्मा (दोनों निवासी धमतरी) को सकुशल मुक्त कराया। दोनों बंधक डरे हुए थे और उनके शरीर पर चोट के निशान थे।
लेन-देन का विवाद और जबरन जमीन हड़पने की कोशिश
पुलिस पूछताछ में इस पूरी साजिश का चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों के साथ उनका लगभग 2 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा और उन्हें करबला तालाब के पास से अगवा कर लिया। बंधक बनाने के बाद आरोपियों ने पिस्टल की नोंक पर उन्हें डराया-धमकाया और जबरन उनकी जमीन के महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए। आरोपियों का मकसद डरा-धमकाकर संपत्ति हड़पना था।
हथियारों का जखीरा और लूटा गया सामान बरामद
अपराधियों ने पीड़ितों के पास मौजूद नकद राशि, बैंक दस्तावेज, मोबाइल फोन और उनकी मोटरसाइकिल भी लूट ली थी। पुलिस ने मौके से और आरोपियों की निशानदेही पर कुल 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कामरान अब्बास, नवीन उर्फ नन्नू ढीमर, लक्की निषाद उर्फ छोटा चिकन, राकेश धीवर, अनिल धीवर और हरिओम सोनकर के रूप में हुई है। इनके कब्जे से पुलिस ने 2 अवैध पिस्टल, 2 जिंदा कारतूस, 6 मोबाइल फोन और 3,500 रुपये नकद बरामद किए हैं।
राजधानी में कानून-व्यवस्था पर पुलिस का सख्त संदेश
इस सफल ऑपरेशन के बाद पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि रायपुर में गुंडागर्दी और अवैध गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों का पिछला रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है ताकि उनके गिरोह के अन्य नेटवर्क का पता लगाया जा सके। जमीन संबंधी विवादों में इस तरह की हिंसक वारदातों को रोकने के लिए रायपुर पुलिस अब संवेदनशील इलाकों में गश्त और मुखबिर तंत्र को और अधिक मजबूत कर रही है।
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