Raja Raghvanshi Murder Case : इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के बहुचर्चित केस में नया मोड़ आ गया है। कोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों—लोकेंद्र तोमर, बलवीर अहिरवार और सिलोम जेम्स—को जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद से राजा रघुवंशी के परिवार में गहरा आक्रोश और पीड़ा है। जैसे ही राजा की मां उमा रघुवंशी को यह खबर मिली, वे बेसुध हो गईं।
परिवार का आरोप
राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने आरोप लगाया कि सोनम का भाई ही आरोपियों को बचाने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा, “अगर हमारे राजा को इंसाफ नहीं मिला तो हम पूरा परिवार सामूहिक आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएंगे।” उन्होंने आगे कहा कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए हाईकोर्ट और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाज़ा खटखटाएंगे।
शिलॉन्ग पुलिस की जांच पर उठे सवाल
परिवार ने सवाल किया कि जब अब तक इस केस में चार्जशीट दाखिल ही नहीं की गई है, तो तीन मुख्य आरोपियों को जमानत कैसे मिल गई? यह जांच की गंभीरता और निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। विपिन रघुवंशी का कहना है कि “जब तक राजा के हत्यारों को सजा नहीं मिलेगी, हमारे भाई की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।”
दहेज के गहनों को लेकर भी परिवारों में तनाव
इससे पहले राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी के पिता ने दहेज में दिए गए गहनों को वापस लेने से इनकार कर दिया था। हालांकि बाद में सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने वह गहने राजा के बड़े भाई विपिन को लौटा दिए। सोनम के पिता का कहना था कि उनकी बेटी जब तक खुद अपनी सफाई नहीं देती, वे उसे दोषी नहीं मान सकते। साथ ही यह भी कहा था कि अगर वह दोषी पाई गई तो वे उससे सारे रिश्ते खत्म कर लेंगे।
23 मई को लापता
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब 23 मई को राजा और सोनम हनीमून पर शिलॉन्ग में लापता हो गए थे। 2 जून को राजा का शव बरामद हुआ, और पहली धारणा यही थी कि सोनम के साथ भी कोई अनहोनी हुई होगी। लेकिन 8 जून को यूपी के गाजीपुर से सोनम जीवित मिलीं, और पूरा केस ही पलट गया।
सोनम और प्रेमी ने रची थी साजिश: पुलिस
शिलॉन्ग पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। अब तक सोनम और अन्य आरोपियों से दो बार रिमांड पर पूछताछ हो चुकी है। लेकिन आरोपियों को जमानत मिलने के बाद से पुलिस जांच पर गंभीर संदेह खड़े हो गए हैं। सोनम हनीमून मर्डर केस ने एक बार फिर न्याय प्रणाली और पुलिस जांच की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमानत के इस फैसले ने रघुवंशी परिवार की पीड़ा और गहरा दी है। अब परिवार की उम्मीदें अदालत की उच्च स्तर की सुनवाई पर टिकी हैं।