Rajasthan Final Voter List
Rajasthan Final Voter List 2026: भारत निर्वाचन आयोग ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए देश के नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान चलाया था। इसी कड़ी में राजस्थान में भी मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश की मतदाता सूची से 31 लाख 36 हजार 286 ऐसे नामों को हटा दिया गया है जो अपात्र या दोहरी प्रविष्टि वाले थे।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, राजस्थान के 199 विधानसभा क्षेत्रों में अब कुल 5 करोड़ 15 लाख 19 हजार 929 पंजीकृत मतदाता हैं। यह संख्या पिछले ‘ड्राफ्ट पब्लिकेशन’ की तुलना में 10,48,605 (2.08%) की शुद्ध वृद्धि दर्शाती है। गौर करने वाली बात यह है कि 27 अक्टूबर 2025 को जब प्रारंभिक ड्राफ्ट सूची जारी की गई थी, तब मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 थी, जिसमें बड़े पैमाने पर काट-छाँट के बाद अब अंतिम सूची तैयार की गई है।
शुद्धिकरण की इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल नाम काटना नहीं, बल्कि पात्र नागरिकों को जोड़ना भी था। ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद आयोग ने विशेष अभियान चलाकर 12 लाख 91 हजार 365 नए नाम मतदाता सूची में शामिल किए हैं। इन नए मतदाताओं के जुड़ने और अपात्रों के हटने के बाद अब राज्य की लोकतांत्रिक शक्ति का वास्तविक चेहरा सामने आया है। जयपुर, फलौदी और भरतपुर जैसे जिले नए मतदाताओं के पंजीकरण के मामले में सबसे आगे रहे हैं।
इस पुनरीक्षण प्रक्रिया का एक सुखद पहलू राज्य के मतदाता लिंगानुपात (Gender Ratio) में सुधार के रूप में सामने आया है। प्रदेश का मतदाता लिंगानुपात 909 से बढ़कर अब 911 हो गया है। राजधानी जयपुर में लिंगानुपात में 7 अंकों का उल्लेखनीय उछाल देखा गया है। वहीं कोटा में 6 अंक और अजमेर, सिरोही, डूंगरपुर, बूंदी, झालावाड़ व बारां जैसे जिलों में 4 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि चुनावी प्रक्रिया में महिलाओं की जागरूकता और भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
वर्तमान में जारी अंतिम सूची के अनुसार, राजस्थान के कुल 5.15 करोड़ मतदाताओं का वर्गीकरण इस प्रकार है:
पुरुष मतदाता: 2 करोड़ 69 लाख 57 हजार 881
महिला मतदाता: 2 करोड़ 45 लाख 61 हजार 486
ट्रांसजेंडर मतदाता: 562
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के माध्यम से चुनाव आयोग ने फर्जी मतदान और डुप्लीकेट वोटर्स की समस्या को जड़ से खत्म करने की कोशिश की है। राजस्थान में इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद, अब आयोग अन्य शेष राज्यों में भी इसी तरह की शुद्धिकरण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है। आयोग का लक्ष्य है कि आने वाले चुनावों से पहले देश के हर राज्य की मतदाता सूची पूरी तरह से ‘साफ और शुद्ध’ हो, ताकि लोकतंत्र की बुनियाद मजबूत बनी रहे।
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