Rajim Kumbh Kalp 2026: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध राजिम कुंभ कल्प मेले में इस बार अव्यवस्थाओं का बोलबाला देखने को मिल रहा है। इन खामियों को देखकर राजिम से भाजपा विधायक रोहित साहू का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों की जमकर क्लास ली और उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि उनकी लापरवाही से ‘सरकार की छवि की धनिया बोई जा रही है’। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन और इवेंट कंपनी की मनमानी के कारण राज्य सरकार की बेइज्जती हो रही है। जब विधायक अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे, तब जिम्मेदार अधिकारी बगले झांकते नजर आए।
कलाकारों के साथ दुर्व्यवहार: न मिला खाना, न पीने का पानी
विधायक रोहित साहू की नाराजगी का मुख्य कारण मेले में अपनी कला का प्रदर्शन करने आए कलाकारों के साथ हुआ अनुचित व्यवहार था। जानकारी के अनुसार, आयोजन में शामिल होने आए कलाकारों के लिए न तो भोजन की सही व्यवस्था की गई थी और न ही पीने के पानी की। विधायक ने इस लापरवाही को अत्यंत गंभीर माना और जिला प्रशासन के साथ-साथ आयोजन का जिम्मा संभाल रही इवेंट कंपनी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि चाहे वह बड़ा अधिकारी हो या प्राइवेट कंपनी, जो भी सरकार की छवि धूमिल करेगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
इवेंट कंपनी की मनमानी और दुर्व्यवहार की बढ़ती शिकायतें
राजिम कुंभ में अव्यवस्थाओं की कहानी नई नहीं है। इससे पहले 7 फरवरी को भी स्थानीय पत्रकारों और आम नागरिकों ने इवेंट कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोला था। लोगों ने आरोप लगाया कि कंपनी के कर्मचारी अनावश्यक रोक-टोक कर रहे हैं और आम जनता के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। इन शिकायतों को लेकर विधायक रोहित साहू से मुलाकात की गई थी, जिस पर उन्होंने तत्काल सुधार के निर्देश दिए थे। हालांकि, प्रशासन पर इन निर्देशों का कोई असर नहीं दिखा और अगले ही दिन स्थिति और बिगड़ गई।
डेढ़ घंटे तक भूखे बैठे रहे कलाकार, विधायक ने खुद कराया भोजन
8 फरवरी को संवेदनहीनता की सारी हदें पार हो गईं। मुख्य मंच पर अपनी शानदार प्रस्तुति देने के बाद कलाकारों को लगभग डेढ़ घंटे तक बैठाकर रखा गया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी उन्हें भोजन उपलब्ध नहीं कराया गया। जब यह बात विधायक रोहित साहू तक पहुँची, तो वे तुरंत कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे। अधिकारियों के पास इस देरी का कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। कलाकारों का अपमान देख विधायक भावुक हो गए और वे स्वयं सभी कलाकारों को अपने साथ एक निजी रेस्टोरेंट ले गए, जहाँ उन्होंने सबको ससम्मान भोजन कराया।
संस्कृति और आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं: रोहित साहू
विधायक ने कड़े लहजे में कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की आस्था, गौरवशाली संस्कृति और पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसकी गरिमा के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार किसी को नहीं है। श्रद्धालुओं, साधु-संतों और कलाकारों का सम्मान सर्वोपरि है। इस घटनाक्रम के बाद अब जिला प्रशासन की कार्यशैली और करोड़ों के टेंडर लेने वाली इवेंट कंपनी की साख पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
















