Rajkot Road Accident: गुजरात के राजकोट जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ शुक्रवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने चार लोगों की जान ले ली। यह दुर्घटना गोंडल-अटकोट हाईवे पर मोटा मांडवा और मोटा दड़वा गाँवों के बीच हुई। रफ्तार का कहर और अचानक लगी आग ने कार में सवार लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहनों में आग लगने की घटनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अनियंत्रित होकर 8 फीट गहरे पुल के नीचे गिरी कार
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एक हुंडई कार तेज रफ्तार में गोंडल-अटकोट हाईवे से गुजर रही थी। मोटा मांडवा गाँव के पास अचानक चालक का स्टीयरिंग व्हील से नियंत्रण खो गया। अनियंत्रित कार सड़क से उतरकर करीब 8 फीट ऊँचे पुल से नीचे जा गिरी। गिरने का प्रभाव इतना तेज था कि कार पलट गई और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
दरवाजे जाम होने से मौत के चंगुल में फंसे यात्री
हादसे के तुरंत बाद कार में भीषण आग लग गई। माना जा रहा है कि कार के पलटने के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ या फ्यूल टैंक लीक हो गया, जिससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। सबसे दुखद पहलू यह रहा कि आग लगने के कारण कार का सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम फेल हो गया और दरवाजे पूरी तरह जाम हो गए। कार के अंदर फंसे लोगों ने बाहर निकलने की काफी कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए और देखते ही देखते वाहन आग का गोला बन गया।
फायर ब्रिगेड को मिले कार के भीतर नरकंकाल
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। जब कार के मलबे की जाँच की गई, तो उसके भीतर से दो नरकंकाल बरामद हुए, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आग कितनी भीषण थी। इस हादसे में एक मासूम बच्चे समेत कुल चार लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई।
मृतकों की पहचान: छोटा उदयपुर के शिक्षक थे सवार
पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन के नंबर और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मृतकों की पहचान कर ली है। मरने वालों में चौधरी आशा, चौधरी नीता और बरैया प्रयाग शामिल हैं। ये तीनों पेशे से शिक्षक थे और छोटा उदयपुर जिले के रहने वाले थे। जानकारी के मुताबिक, ये सभी एक पारिवारिक कार्य के सिलसिले में गोंडल आए हुए थे और वापस लौटते समय इस भयावह हादसे का शिकार हो गए।
सड़क सुरक्षा और वाहन सुरक्षा पर उठते सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आधुनिक कारों के सेफ्टी फीचर्स कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकते हैं। सेंट्रल लॉकिंग का जाम होना और आग लगने की स्थिति में बाहर न निकल पाना एक बड़ी तकनीकी खामी की ओर इशारा करता है। प्रशासन ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
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