दिल्ली

Rakesh Kishore: न्यायिक अपमान का अंजाम, पूर्व CJI पर जूता फेंकने वाले वकील की पिटाई

Rakesh Kishore: दिल्ली में कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में मंगलवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। वकील राकेश किशोर, जिन्होंने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई पर जूता फेंककर हंगामा खड़ा कर दिया था, उनकी कोर्ट परिसर में मौजूद कुछ वकीलों ने चप्पलों से पिटाई कर दी। यह घटना तब हुई जब राकेश किशोर अदालत में मौजूद थे। दिलचस्प बात यह है कि पूर्व CJI गवई ने जूता फेंकने की कोशिश के बाद राकेश किशोर को माफ कर दिया था, लेकिन वकीलों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए उन्हें सबक सिखाने की कोशिश की।

Rakesh Kishore: धक्का-मुक्की और चप्पलों से हमला: कोर्ट सुरक्षा ने बचाया

यह घटना तब हुई जब राकेश किशोर किसी कार्य से कोर्ट परिसर में मौजूद थे। तभी कुछ वकीलों के समूह ने उन पर हमला कर दिया। राकेश किशोर पर धक्का-मुक्की की गई और उन्हें चप्पलों से पीटा गया। परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी मुश्किल से, कोर्ट सुरक्षा कर्मियों ने बीच-बचाव करके राकेश किशोर को वकीलों के चंगुल से बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस घटना ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Rakesh Kishore: बार काउंसिल ने कर दिया था निलंबित: किए पर नहीं है अफसोस

पूर्व CJI बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश के बाद, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राकेश किशोर को निलंबित कर दिया था। तमाम निंदाओं और कानूनी कार्रवाई के बावजूद, राकेश किशोर ने कहा था कि उन्हें अपने किए पर कोई अफसोस नहीं है। उन्होंने अपने कृत्य को उचित ठहराते हुए एक अजीबोगरीब दावा किया था कि भगवान ने सपने में आकर उन्हें यह काम करने के लिए कहा था।

राकेश किशोर एक वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, जो दिल्ली बार काउंसिल में 2009 से पंजीकृत हैं और उनकी उम्र लगभग 71-72 वर्ष बताई जा रही है। BCI के निलंबन के बाद, वह आगे की कार्रवाई तक कोई भी केस नहीं लड़ सकते हैं, जिससे उनका कानूनी अभ्यास रुक गया है।

CJI गवई पर जूता फेंकने की घटना: 6 अक्टूबर 2025 का मामला

यह पूरी विवादित घटना 6 अक्टूबर 2025 को हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 1 में एक नियमित सुनवाई के दौरान, राकेश किशोर ने मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की थी।

यह घटना सुबह करीब 11:35 बजे तब हुई थी, जब सुनवाई खजुराहो (मध्य प्रदेश) के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की सिर कटी मूर्ति की पुनर्स्थापना से जुड़े एक मामले पर चल रही थी। किशोर ने जैसे ही जूता निकाला, सतर्क सुरक्षाकर्मियों और आसपास मौजूद वकीलों ने उन्हें तुरंत पकड़ लिया और बड़ी अनहोनी को टाल दिया। इस कृत्य के बाद, अब कोर्ट परिसर में ही उन्हें वकीलों के गुस्से का शिकार होना पड़ा है।

Thetarget365

Recent Posts

Kitchen Gardening Tips : छत पर छोटा सा बगीचा और ताजी सब्जियों का भंडार, जानिए ये सीक्रेट टिप्स

Kitchen Gardening Tips :  आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बाजार में मिलने वाली मिलावटी…

4 hours ago

Earthquake in Odisha : ओडिशा के कोरापुट में भूकंप के तेज झटके, 4.4 रही तीव्रता, घरों से बाहर निकले लोग

Earthquake in Odisha :  ओडिशा के दक्षिणी हिस्से में शनिवार की रात शांति के बजाय…

4 hours ago

Jashpur Crime : जशपुर में अंधविश्वास का खूनी तांडव, जादू-टोना के शक में वृद्ध महिला की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या

Jashpur Crime : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक…

4 hours ago

This website uses cookies.