Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर एक अनोखा और भावपूर्ण समारोह आयोजित हुआ, जहां प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, रायपुर की संचालिका ब्रह्मकुमारी सविता बहन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री को रक्षा-सूत्र बाँधा और उनके स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा सुख-समृद्धि की हार्दिक मंगलकामना की।

मुख्यमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त करना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस स्नेहपूर्ण पहल के लिए ब्रह्मकुमारी बहनों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमारे सामाजिक और भावनात्मक बंधनों की एक गहन अभिव्यक्ति है। रक्षा-सूत्र की मर्मस्पर्शी परंपरा हमें परिवार और समाज में एकता, समर्पण और सुरक्षा की भावना से जोड़ती है।

रक्षाबंधन का आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि रक्षा-सूत्र में छिपी शुभकामनाएं और सुरक्षा की भावना हमें न केवल व्यक्तिगत जीवन में बल्कि सामाजिक कर्तव्यों के प्रति भी प्रेरित करती हैं। यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक होते हुए हमें अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदारी और समर्पण की याद दिलाता है।
ब्रह्मकुमारी बहनों की विशेष भूमिका
प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की संचालिका ब्रह्मकुमारी सविता बहन ने मुख्यमंत्री को राखी बाँधते हुए कहा कि यह रक्षा-सूत्र एक आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है जो बंधन को और मजबूत बनाता है। उन्होंने सभी लोगों से सामाजिक सौहार्द और एकता बनाए रखने का आह्वान किया।
समारोह की गरिमा और सौम्यता
मुख्यमंत्री कार्यालय में संपन्न यह कार्यक्रम सादगी और श्रद्धा से भरा हुआ था। इस दौरान दोनों पक्षों ने सामाजिक सद्भाव और सामूहिक विकास की दिशा में निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।
रक्षाबंधन 2025 के इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ब्रह्मकुमारी बहनों के बीच यह अनूठा संवाद समाज में प्रेम, एकता और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देने का संदेश है। यह पर्व न केवल पारिवारिक रिश्तों की मजबूती का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और सहयोग की भावना को भी जगाता है।
इस तरह, इस वर्ष का रक्षाबंधन एक आध्यात्मिक और सामाजिक समरसता का उदाहरण बनकर उभरा, जिसने सभी के दिलों में भाई-बहन के प्यार और देश-समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को जागृत किया।
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