Ranchi Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। CJP के प्रवक्ता और सह-संयोजक आशुतोष रांका ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा कि संगठन शुरू से ही रांची में चल रहे छात्रों के आंदोलन का समर्थन कर रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मौका मिलेगा, संगठन के प्रमुख नेताओं में से कोई न कोई आंदोलन स्थल पर जरूर पहुंचेगा।

स्वास्थ्य और कानूनी व्यस्तताओं के कारण नहीं पहुंच सके नेता
आशुतोष रांका ने बताया कि अब तक उनके साथ-साथ अभिजीत दीपके और सौरव दास रांची नहीं पहुंच पाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उनकी और अभिजीत दीपके की तबीयत खराब थी, जबकि सौरव दास कानूनी मामले में व्यस्त थे। इन परिस्थितियों के कारण व्यक्तिगत रूप से रांची जाना संभव नहीं हो सका। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि संगठन की एक टीम पहले से ही आंदोलन स्थल पर मौजूद है।

पहले दिन से छात्रों के समर्थन में CJP
रांका ने कहा कि रांची में छात्रों की मांगों और उनके आंदोलन को CJP का समर्थन शुरुआत से मिला हुआ है। उनके मुताबिक संगठन की मौजूदगी केवल उसके प्रमुख चेहरों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि CJP की टीम वहां छात्रों के साथ संपर्क में है और आंदोलन से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर संगठन के वरिष्ठ नेता स्वयं आंदोलन स्थल पर पहुंचेंगे।
‘हमसे सीखकर लोग अपने स्तर पर लड़ रहे हैं’
आशुतोष रांका ने कहा कि CJP के लिए यह सकारात्मक बात है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग अपने स्तर पर अपने अधिकारों और मांगों के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी आंदोलन को केवल इस आधार पर CJP से जोड़कर देखा जाए कि अभिजीत दीपके या संगठन का कोई प्रमुख चेहरा वहां मौजूद है या नहीं, तो यह सही नजरिया नहीं है। उनके मुताबिक संगठन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह झारखंड के छात्रों की मांगों का समर्थन करता है।
CJP को तीन चेहरों तक सीमित करने का आरोप
रांका ने आरोप लगाया कि CJP को केवल तीन प्रमुख लोगों—अभिजीत दीपके, सौरव दास और खुद उन्हें—से जोड़कर एक अलग नैरेटिव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि संगठन की राष्ट्रीय टीम रांची में मौजूद है और उसकी फूड टीम भी वहां सक्रिय है। इसलिए CJP की मौजूदगी को केवल कुछ नेताओं की व्यक्तिगत उपस्थिति से जोड़ना उचित नहीं है।

‘सरकार से सवाल करने के बजाय CJP से सवाल’
झारखंड छात्र आंदोलन को लेकर CJP पर उठाए जा रहे सवालों पर आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन से सवाल करने के बजाय झारखंड सरकार से जवाब मांगा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि CJP इस समय झारखंड में सत्ता में नहीं है और न ही उसने कथित पेपर लीक किया है। उनके मुताबिक आंदोलन का मूल मुद्दा भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी कथित गड़बड़ियों और छात्रों की मांगों का समाधान है।
दो महीने के आंदोलन का दिया उदाहरण
रांका ने CJP के पिछले आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि संगठन के सदस्य करीब दो महीने तक जंतर-मंतर पर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि लंबे आंदोलन के दौरान कई कार्यकर्ताओं की तबीयत खराब हुई और उन्हें शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। रांका ने बताया कि उन्हें भी लगातार कई दिनों तक तेज बुखार रहा और ऐसी परिस्थितियों में आंदोलन जारी रखना आसान नहीं था।
छात्रों की उम्मीदों को जिम्मेदारी मानता है संगठन
आशुतोष रांका ने कहा कि CJP से लोगों और छात्रों को काफी उम्मीदें हैं और संगठन इन उम्मीदों को विनम्रता के साथ स्वीकार करता है। उन्होंने कहा कि जहां भी छात्रों और युवाओं के अधिकारों को लेकर आंदोलन हो रहा है, वहां संगठन अपनी क्षमता के अनुसार समर्थन देने की कोशिश करेगा। रांची आंदोलन को लेकर भी CJP ने अपना समर्थन स्पष्ट कर दिया है और आने वाले समय में उसके वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी की संभावना जताई है।
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