Houthi Rebels Red Sea
Houthi Rebels Red Sea : मिडिल ईस्ट में जारी भीषण सैन्य संघर्ष का सीधा और विनाशकारी असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और समुद्री व्यापारिक मार्गों पर असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। इसी बीच, अमेरिकी परिवहन विभाग के अधीन कार्यरत संस्था ‘मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन’ (MARAD) ने एक बेहद गंभीर एडवाइजरी जारी की है। इस चेतावनी में आगाह किया गया है कि यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोही लाल सागर और अदन की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों (Commercial Ships) को अपना निशाना बना सकते हैं। अगले छह महीनों के लिए जारी इस अलर्ट ने वैश्विक शिपिंग कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी एडवाइजरी के केंद्र में ‘बाब अल-मंदेब’ स्ट्रेट है, जिसे इसके खतरनाक इतिहास और भौगोलिक स्थिति के कारण ‘आंसुओं का द्वार’ भी कहा जाता है। यह जलडमरूमध्य लाल सागर को अरब सागर से जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण ‘चोकपॉइंट’ है। चेतावनी में स्पष्ट कहा गया है कि अमेरिका, ब्रिटेन और इजरायल से जुड़े जहाजों को हूतियों से सीधा खतरा है। यद्यपि अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद से हूतियों की गतिविधियों में कुछ कमी आई थी, लेकिन खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, वे अब अमेरिकी संपत्तियों और इजरायली सहयोगियों पर बड़े हमले की पूरी तैयारी कर चुके हैं।
हूती एक सैन्य, राजनीतिक और धार्मिक संगठन है, जो यमन के शिया अल्पसंख्यक ‘जैदी’ समुदाय के हितों का प्रतिनिधित्व करता है। वर्तमान में ये विद्रोही ईरान के रणनीतिक हितों को साधने के लिए अमेरिका और इजरायल के खिलाफ युद्ध के मैदान में हैं। शनिवार को हूतियों ने इजरायली सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर अपनी आक्रामकता का परिचय दिया। यह हमला 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिका-इजरायल के हमले के जवाब में किया गया था। हूतियों का मुख्य उद्देश्य बाब अल-मंदेब पर नियंत्रण पाना है, ताकि वे वैश्विक व्यापारिक मार्ग को प्रभावित कर अपने विरोधियों पर दबाव बना सकें।
अमेरिकी प्रशासन को आशंका है कि हूती विद्रोही इस बार हमलों के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेंगे। हूती अब केवल छोटी नावों से गोलीबारी या जहाजों को जब्त करने तक सीमित नहीं हैं। वे अब हवाई ड्रोन (UAV), समुद्र की सतह पर चलने वाले ड्रोन (USV) और समुद्र के भीतर चलने वाले मानवरहित ड्रोन (UUV) का उपयोग कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, उनके पास अब बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों का भंडार है, जो दूर तक मार करने में सक्षम हैं। ये तकनीकें जहाजों के लिए रक्षा प्रणालियों को चकमा देना कठिन बना देती हैं।
बाब अल-मंदेब की भौगोलिक बनावट इसे बेहद संवेदनशील बनाती है। हॉर्न ऑफ अफ्रीका और मिडिल ईस्ट के बीच स्थित यह मार्ग अपने सबसे संकीर्ण बिंदु पर केवल 18 मील चौड़ा है। यहां से गुजरने वाले विशाल तेल टैंकरों के लिए यातायात का रास्ता मात्र 2 मील के चैनल तक ही सीमित रहता है। इतनी कम चौड़ाई के कारण हूतियों के लिए इन जहाजों को निशाना बनाना बेहद आसान हो जाता है। नवंबर 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच हूती विद्रोही 100 से ज्यादा हमले कर चुके हैं, जिससे दुनिया के 60 से अधिक देश सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
हूतियों का हालिया इतिहास बेहद रक्त रंजित रहा है। जुलाई 2025 में उन्होंने दक्षिणी लाल सागर में दो बड़े जहाजों को डुबो दिया था, जिसमें 4 निर्दोष नाविकों की मौत हो गई थी। वहीं, अगस्त 2025 में सऊदी अरब के तट के पास एक इजरायली सहयोगी जहाज पर भीषण हमला किया गया था। इन घटनाओं को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय और व्यापारिक संगठन अब इस मार्ग का उपयोग करने से कतरा रहे हैं। यदि यह तनाव और बढ़ता है, तो पूरी दुनिया को ऊर्जा संकट और महंगाई की एक नई लहर का सामना करना पड़ सकता है।
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