Google Privacy Update
Google Privacy Update: अगर आप इंटरनेट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, फोन नंबर या किसी निजी तस्वीर के सार्वजनिक होने को लेकर चिंतित हैं, तो गूगल ने आपकी इस चिंता का समाधान कर दिया है। तकनीकी दिग्गज गूगल ने हाल ही में एक नया और उन्नत टूल पेश किया है, जो गूगल सर्च रिजल्ट्स से आपकी संवेदनशील जानकारी (Sensitive Information) को हटाने की प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सरल और सुलभ बना देगा। गूगल का प्राथमिक उद्देश्य यूजर्स को अपने डिजिटल फुटप्रिंट पर अधिक नियंत्रण प्रदान करना और आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत रिपोर्ट करने की सुविधा देना है।
अपनी संवेदनशील जानकारी या इमेज को सर्च इंजन से हटाने के लिए गूगल ने अब ‘रिजल्ट्स अबाउट यू’ (Results about you) फीचर को और बेहतर बनाया है। इसके लिए आपको सबसे पहले उस सर्च रिजल्ट के सामने बने ‘थ्री-डॉट’ (Three-dot) मेनू पर क्लिक करना होगा। इसके बाद एक नया पेज खुलेगा जहाँ आपको ‘रिमूव रिजल्ट’ (Remove Result) का विकल्प चुनना होगा। यहाँ गूगल आपसे जानकारी हटाने का ठोस कारण पूछेगा। आपको यह स्पष्ट करना होगा कि क्या वह जानकारी आपकी निजता का उल्लंघन कर रही है या वह कोई आपत्तिजनक इमेज है। अपनी जानकारी सबमिट करने के बाद आप इस रिक्वेस्ट के स्टेटस को ट्रैक भी कर सकते हैं।
इस नए अपडेट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब यूजर्स को हर एक लिंक या फोटो के लिए अलग-अलग आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले यह प्रक्रिया काफी लंबी और थकाऊ थी, लेकिन अब आप एक ही रिक्वेस्ट के माध्यम से कई इमेजेस या यूआरएल (URL) को रिपोर्ट कर सकते हैं। यह ‘बल्क रिपोर्टिंग’ फीचर उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जिनकी निजी जानकारी किसी बड़े डेटा लीक या वेबसाइट के जरिए सार्वजनिक हो गई है।
गूगल ने केवल प्रक्रिया को आसान ही नहीं बनाया है, बल्कि इसमें नए ‘सेफगार्ड्स’ भी जोड़े हैं। एक बार जब आपकी रिमूवल रिक्वेस्ट स्वीकृत हो जाती है, तो आप एक विशेष फीचर को इनेबल कर सकते हैं। यह फीचर भविष्य में आपके नाम से जुड़े इसी तरह के अन्य आपत्तिजनक परिणामों को ऑटोमैटिक तरीके से फिल्टर कर देगा। यह अपडेट विशेष रूप से एआई (AI) जनरेटेड कंटेंट और डीपफेक (Deepfake) के बढ़ते खतरों को देखते हुए लाया गया है। भारत समेत कई प्रमुख देशों में यह टूल अब पूरी तरह से सक्रिय है।
गूगल के इस कदम के साथ-साथ भारत सरकार ने भी डिजिटल सुरक्षा को लेकर कमर कस ली है। सोशल मीडिया पर बढ़ते डीपफेक और भ्रामक एआई कंटेंट को देखते हुए नियमों को अत्यंत सख्त कर दिया गया है। अब किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एआई जनरेटेड कंटेंट अपलोड करते समय उस पर स्पष्ट ‘लेबल’ लगाना अनिवार्य होगा। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब कंपनियों को किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट की शिकायत मिलने पर उसे हटाने के लिए केवल 3 घंटे का समय दिया जाएगा। यह नियम 20 फरवरी से पूरे देश में लागू होने जा रहे हैं।
एआई के दौर में प्राइवेसी की रक्षा करना एक बड़ी चुनौती बन गई है। गूगल का नया प्राइवेसी टूल और सरकार के नए आईटी नियम मिलकर यूजर्स को एक सुरक्षित इंटरनेट अनुभव प्रदान करने की कोशिश कर रहे हैं। अब यूजर्स के पास न केवल अपनी जानकारी को नियंत्रित करने के बेहतर विकल्प हैं, बल्कि कानून की शक्ति भी उनके साथ है। तकनीक के इस युग में अपनी व्यक्तिगत जानकारी के प्रति जागरूक रहना और इन टूल्स का सही उपयोग करना ही सुरक्षा की कुंजी है।
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