Revanth Reddy Controversy
Revanth Reddy Controversy: तेलंगाना के मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता ए. रेवंत रेड्डी ने पार्टी की आंतरिक एकता और आम सहमति पर बात करते हुए हिंदू देवी-देवताओं को लेकर एक ऐसी टिप्पणी कर दी है, जिससे राज्य की सियासत में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। रेवंत रेड्डी ने अपने बयान में हिंदू धर्म में मौजूद देवी-देवताओं की विशाल संख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि लोग अपने देवताओं को लेकर भी एकमत नहीं हैं, जिसका इस्तेमाल उन्होंने पार्टी की एकता को समझाने के लिए किया।
बुधवार को गांधी भवन में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता TPPC अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने की, जिसमें AICC प्रभारी मीनाक्षी नटराजन, AICC सचिव विश्वनाथन और सचिन सावंत, कई मंत्री, नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष और पूर्व जिला अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
बैठक का मुख्य विषय पार्टी के अंदर आम सहमति की कमी था। इसी पर बोलते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपना विवादास्पद तर्क प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, “अगर देवताओं पर हमारी आम सहमति नहीं है, तो पार्टी में इतने लोग कैसे सहमत हो सकते हैं?” उनका आशय यह था कि जब धर्म के भीतर ही विविधता है, तो राजनीति में आम सहमति बनाना स्वाभाविक रूप से कठिन है।
रेवंत रेड्डी ने अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की विविधता को विशिष्ट उदाहरणों से समझाया, जो विवाद का कारण बना। उन्होंने कहा, “हिंदू धर्म में कितने देवी-देवता हैं? तीन करोड़ हैं न? क्यों?” इसके बाद उन्होंने अलग-अलग समुदायों और जीवनशैली से जुड़े देवी-देवताओं का उल्लेख किया।
उन्होंने आगे कहा, “जिसने शादी नहीं की, उसके लिए हनुमान हैं। दो शादी करने वालों के लिए एक और देवता, शराब पीने वालों के लिए एक देवता। एल्लम्मा, पोषम्मा, दाल-चावल खाने वालों के लिए एक देवता। इस तरह देवताओं के बारे में भी कोई एकमत नहीं है। कोई कहता है मैं भगवान बालाजी की भक्ति करूंगा, कोई कहता है मैं हनुमान की पूजा करूंगा, कोई कहता है नहीं मैं अयप्पा स्वामी की दीक्षा लूंगा, कोई कहता है मैं शिव आराधना करूंगा। ये सब हम देख रहे हैं न।” यह तुलनात्मक और सरलीकृत बयान तत्काल विवादों में घिर गया।
रेवंत रेड्डी का यह बयान जैसे ही सार्वजनिक हुआ, इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं। गोशामहल से विधायक और बीजेपी से निलंबित नेता टी. राजा सिंह ने इस बयान को हिंदू देवी-देवताओं का घोर अपमान करार दिया। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी हिंदू भावनाओं को आहत करती है।
इस बयान को लेकर तेलंगाना बीजेपी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। पार्टी ने रेवंत रेड्डी के बयान के खिलाफ पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया है, जिससे यह मुद्दा और गरमा गया है। फिलहाल, कांग्रेस पार्टी की तरफ से अभी तक इस विवादास्पद बयान पर कोई आधिकारिक सफाई या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। रेवंत रेड्डी के इस बयान ने तेलंगाना की सियासत में नया बवाल शुरू कर दिया है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
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