RIC revival : रूस-भारत-चीन त्रिपक्षीय संवाद मंच यानी RIC (Russia-India-China) को एक बार फिर से सक्रिय करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इस पहल की अगुवाई रूस कर रहा है, जिसे चीन का समर्थन भी मिल गया है। हालांकि भारत ने इस पर फिलहाल स्पष्ट सहमति नहीं जताई है। भारत का कहना है कि इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है और यह तीनों देशों के परस्पर संवाद से तय होगा।
साल 2021 के बाद से RIC की कोई बैठक नहीं हुई है। इसकी बड़ी वजह भारत और चीन के बीच LAC पर बढ़ा सीमा तनाव था। लेकिन अब रूस इस त्रिपक्षीय समूह को फिर से सक्रिय करने की दिशा में प्रयास कर रहा है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने हाल ही में इस मंच की उपयोगिता पर जोर देते हुए इसकी बहाली की बात कही थी।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को RIC को लेकर पूछे गए सवाल पर जवाब देते हुए कहा, “यह एक ऐसा तंत्र है जिसमें तीनों देश क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने-अपने हितों के आधार पर चर्चा करते हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस वक्त तक बैठक को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है और जब इस बारे में सहमति बनेगी, तब उपयुक्त समय पर जानकारी दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, इस समय RIC बैठक पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं चल रही है।
जहां भारत ने संयमित रुख अपनाया है, वहीं चीन ने रूस की पहल का पूरी तरह समर्थन किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि त्रिपक्षीय सहयोग भारत, चीन और रूस के साझा हितों को पूरा करता है और यह सहयोग क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा, “चीन, रूस और भारत के साथ इस सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।”
रूसी उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुडेंको ने भी गुरुवार को RIC को पुनर्जीवित करने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि रूस इस मुद्दे पर भारत और चीन दोनों के साथ बातचीत कर रहा है। रुडेंको ने कहा, “हम चाहते हैं कि यह तंत्र फिर से प्रभावी रूप से कार्य करे, क्योंकि ये तीनों देश ब्रिक्स के संस्थापक हैं और वैश्विक मंचों पर अहम साझेदार भी।”
पिछले महीने एक कार्यक्रम में बोलते हुए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा था कि भारत और चीन के रिश्तों में नरमी के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि जल्द ही RIC मंच फिर से काम करने लगेगा। लावरोव के अनुसार, पहले कोविड-19 और फिर भारत-चीन सीमा पर तनाव के चलते RIC की गतिविधियां रुक गई थीं। लेकिन अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
RIC यानी Russia-India-China ट्रोइका एक त्रिपक्षीय संवाद तंत्र है, जिसमें ये तीनों देश आपसी सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और विकास के लिए एकजुट प्रयास करना है। RIC की आखिरी बैठक साल 2021 में हुई थी। उसके बाद से भारत और चीन के बीच बिगड़े रिश्तों की वजह से इस मंच की गतिविधियां ठप हैं।
रूस और चीन की सक्रियता के बावजूद RIC की बहाली फिलहाल भारत के रुख पर निर्भर करती दिख रही है। भारत की सावधानी बताती है कि वह चीन के साथ सीमा विवाद को हल किए बिना त्रिपक्षीय मंच पर बैठने को लेकर हिचकिचा रहा है। हालांकि, भारत का यह भी संकेत है कि संवाद के लिए दरवाजे बंद नहीं हुए हैं।
रूस और चीन की पहल से RIC को पुनर्जीवित करने की उम्मीदें जगी हैं, लेकिन भारत की ओर से अंतिम सहमति का इंतजार है। मौजूदा वैश्विक और क्षेत्रीय परिप्रेक्ष्य में यह त्रिपक्षीय मंच बड़ी भूमिका निभा सकता है, लेकिन इसके लिए भारत-चीन संबंधों में स्थिरता और विश्वास बहाली बेहद जरूरी होगी।
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