RMC Water Board: मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल से हुई जनहानि के बाद छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का प्रशासन सतर्क हो गया है। शहर की जल व्यवस्था को दुरुस्त करने और विकास कार्यों को गति देने के लिए 8 जनवरी को महापौर परिषद (MIC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जनहित से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए, जिनमें सबसे प्रमुख ‘जल बोर्ड’ का गठन और ‘ड्रोन आधारित प्रॉपर्टी सर्वे’ है।
पेयजल संकट और सीवेज प्रबंधन के लिए बनेगा ‘जल बोर्ड’
इंदौर की दुखद घटना से सबक लेते हुए रायपुर नगर निगम अब पानी की गुणवत्ता और आपूर्ति को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। वर्तमान में अलग-अलग जोन और वार्डों में पाइपलाइन विस्तार और जल वितरण को लेकर कई तकनीकी और व्यावहारिक समस्याएं आ रही थीं। इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए एक समर्पित ‘जल बोर्ड’ बनाने का निर्णय लिया गया है। यह बोर्ड अब पूरे शहर में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, सीवेज ट्रीटमेंट और जल संसाधनों के संरक्षण के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
ड्रोन तकनीक से होगी प्रॉपर्टी टैक्स की मैपिंग
नगर निगम ने राजस्व बढ़ाने और कर प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया है। अब रायपुर में ड्रोन के जरिए संपत्तियों का डिजिटल सर्वे और मैपिंग की जाएगी। लगभग 5.80 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट से उन संपत्तियों की पहचान आसान हो जाएगी जो अब तक टैक्स के दायरे से बाहर थीं। इससे न केवल कर चोरी रुकेगी, बल्कि निगम के खजाने में भी बढ़ोतरी होगी।
शहर को सुंदर बनाने के लिए ‘नो-फ्लेक्स जोन’ की घोषणा
रायपुर की सुंदरता को बिगाड़ने वाले अवैध पोस्टर और बैनरों पर लगाम लगाने के लिए 6 प्रमुख मार्गों को ‘नो-फ्लेक्स जोन’ घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में अब केवल सरकारी विज्ञापनों की अनुमति होगी। निजी विज्ञापन, बैनर या फ्लेक्स लगाने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उन्हें तत्काल हटाने की जिम्मेदारी संबंधित जोन कमिश्नर की होगी। साथ ही, सड़कों के डिवाइडर और विज्ञापन ढांचों के रखरखाव की जिम्मेदारी अब निजी एजेंसियों को सौंपी गई है।
बुनियादी ढांचे और नाला निर्माण के लिए करोड़ों की स्वीकृति
शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए एमआईसी ने महत्वपूर्ण बजट स्वीकृत किया है। वामनराव लाखे वार्ड (कुशालपुर) में जल निकासी के लिए 165.06 लाख रुपये की पाइपलाइन पुशिंग कार्य को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, विधायक कॉलोनी से एनएच-53 तक और लाभांडी से छोकरा नाला तक नाला निर्माण के लिए लगभग 1.94 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन कार्यों से बारिश के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या का स्थायी निराकरण होगा।
अमृत मिशन में उपलब्धि और यातायात सुधार की योजना
रायपुर नगर निगम को अमृत 2.0 मिशन के तहत बेहतर प्रदर्शन के लिए केंद्र सरकार से 15 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है। शहर में 85% से अधिक जल आपूर्ति कवरेज होने के कारण यह सम्मान मिला है। इसके साथ ही, शहर के 18 प्रमुख सड़क जंक्शनों को 10 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए भी सड़कों के ड्रेनेज और रिन्यूअल हेतु लगभग 4 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति दी गई है।
















