Bihar Politics
Rohini Controversy: बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 243 सदस्यीय विधानसभा में से 202 सीटें जीतकर अपनी मजबूत स्थिति को दोहराया। इस दौरान बीजेपी ने 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनने का गौरव हासिल किया, जबकि जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने 85 सीटें जीतीं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 19 सीटें मिलीं। वहीं, महागठबंधन के लिए यह चुनाव भारी हार साबित हुआ, क्योंकि राजद को केवल 25 और कांग्रेस को सिर्फ 6 सीटें मिलीं। इस परिणाम के बाद विपक्षी दलों में हार की समीक्षा बैठकें आयोजित करने की तैयारी चल रही है।
महागठबंधन की हार के बीच राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार में कलह की खबरें सामने आई हैं। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया कि उनके साथ परिवार में गलत व्यवहार किया गया। इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के भाई और पूर्व सांसद साधु यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि परिवार की बेटी के साथ ऐसा व्यवहार पूर्णतः गलत है और इसके लिए आत्मचिंतन की आवश्यकता है।
साधु यादव ने कहा, “राबड़ी देवी मेरी बहन हैं और मैंने भी बहुत कुछ सहा है, लेकिन मैंने अपनी बहन के खिलाफ कभी एक शब्द नहीं कहा। रोहिणी आचार्य हमारी भांजी हैं, हमारे परिवार की बेटी है और बिहार की बेटी भी है। अगर किसी ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया है, तो यह गलत है।” उन्होंने यह भी कहा कि परिवार में शुरू हुए मतभेदों पर गहन विचार-विमर्श की जरूरत है, लेकिन किसी का नाम लेना फिलहाल संभव नहीं।
साधु यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार और मुकेश सहनी को डिप्टी उम्मीदवार बनाने के फैसले में कुछ नेताओं ने अति आत्मविश्वास दिखाया। उन्होंने बताया कि कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से अपने पदों की घोषणा कर दी थी, जबकि जनता ने कभी उनके लिए मुख्यमंत्री या उप-मुख्यमंत्री चुनने की पुष्टि नहीं की थी। साधु यादव ने इस अति आत्मविश्वास और टिकट वितरण के मुद्दों को हार के मुख्य कारणों में से एक बताया।
साधु यादव ने कहा कि राजद का प्रदर्शन अस्वीकार्य है और इसके पीछे कई कारण हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हार को केवल व्यक्तिगत या मामूली कारणों से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। इसे समझने और सुधार करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार चुनाव परिणाम लोकतंत्र की मजबूती और उसकी वास्तविक प्रक्रिया को उजागर करते हैं, क्योंकि कहीं न कहीं लोकतंत्र कमजोर दिख रहा है।बिहार में एनडीए की बड़ी जीत ने राज्य की राजनीतिक दिशा को स्पष्ट कर दिया है। विपक्षी दलों को न केवल हार का सामना करना पड़ा है, बल्कि परिवार और पार्टी के अंदर चल रहे मतभेद भी सामने आए हैं। साधु यादव ने इस परिस्थिति में आत्मचिंतन, सुधार और जनता के प्रति जिम्मेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
Kerala Hotel Strike : देशभर में 1 मई 2026 से कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की…
Oscars 2027 Rules : सिनेमा की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार 'ऑस्कर' को लेकर एक…
LPG Gas Price : आम आदमी की रसोई में चूल्हा जलाना अब और भी चुनौतीपूर्ण…
Durg School Fire : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पोटिया कला इलाके में शुक्रवार की…
Dhamtari Police : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से पुलिसिया बर्बरता और सत्ता के दुरुपयोग का…
Bilaspur Constable Death : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बेहद दुखद और तनावपूर्ण खबर…
This website uses cookies.