UP Politics : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने रायपुर प्रवास के दौरान राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़े हालिया विवाद पर अपनी मुखर प्रतिक्रिया दी है। इस विवाद को लेकर चल रही राजनीति के बीच, उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर जमकर निशाना साधा। अयोध्या में राम मंदिर की प्रतिष्ठा और उससे जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के जवाब में इंद्रेश कुमार ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर की गरिमा युगों से कायम है और इस पर राजनीति करना अनुचित है।

अखिलेश यादव के बयान पर आरएसएस नेता की दो टूक
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में बयान दिया था कि “जब हमारी सरकार बनेगी, तो हम अयोध्या का गौरव पुनः स्थापित करेंगे।” इस दावे पर इंद्रेश कुमार ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि अयोध्या का गौरव पहले से स्थापित है, था और हमेशा रहेगा। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा कि गौरव स्थापित करने वाले अखिलेश यादव कौन होते हैं? इंद्रेश कुमार ने कहा कि भगवान राम युगों से जन-जन के कण-कण में विद्यमान हैं। उन्होंने राजनेताओं को नसीहत दी कि वे राम के नाम पर राजनीति करने के बजाय एक भक्त की तरह अपना जीवन जिएं। उनके अनुसार, राम को स्थापित करने का दावा करना खुद को भगवान से ऊपर समझने जैसा है।

प्रियंका गांधी और चढ़ावा चोरी विवाद पर प्रतिक्रिया
राम मंदिर में दान और चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर प्रियंका गांधी ने सरकार और मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि दान की सुरक्षा सुनिश्चित करना उन लोगों की जिम्मेदारी है जिन्होंने इसे एकत्र किया है। इस पर पलटवार करते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है, जो पूरी पारदर्शिता के साथ गहन जांच कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार, मंदिर ट्रस्ट और समाज पूरी तरह से जागरूक हैं और किसी भी प्रकार की नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने विपक्षी नेताओं से इस संवेदनशील धार्मिक मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल न करने की अपील की।
अखिलेश यादव ने एसआईटी जांच पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, अखिलेश यादव ने एसआईटी के गठन के बावजूद कार्रवाई को लेकर संशय जताया है। उन्होंने पूछा कि एसआईटी की रिपोर्ट किसे सौंपी गई है और उस रिपोर्ट के आधार पर अब तक क्या ठोस कार्रवाई की गई है? अखिलेश ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि इससे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग पहले ‘देश खतरे में है’ का नारा लगाते थे, आज उनकी कार्यप्रणाली के कारण आम जनता को भगवान की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
विवाद का राजनीतिक महत्व
अयोध्या राम मंदिर से जुड़ा यह चढ़ावा विवाद आने वाले समय में राजनीतिक दलों के बीच एक बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है। जहां एक ओर विपक्ष इसे सुरक्षा और प्रशासनिक विफलता का मुद्दा बनाकर भाजपा को घेर रहा है, वहीं दूसरी ओर संघ और सत्ता पक्ष इसे धार्मिक आस्था का विषय बताकर विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं। बहरहाल, जनता की नजरें अब एसआईटी की जांच रिपोर्ट और उस पर होने वाली कार्यवाही पर टिकी हैं।
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