Rupali Chakankar Resignation : महाराष्ट्र की राजनीति में इस वक्त जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिल रही है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की दिग्गज नेता रूपाली चाकणकर ने एक के बाद एक अपने दो महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है। ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले में नाम जुड़ने और विपक्ष के बढ़ते दबाव के बीच, चाकणकर ने पहले महाराष्ट्र महिला आयोग के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दिया और अब उन्होंने पार्टी की महिला शाखा के प्रदेश अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया है। इस फैसले ने न केवल अजित पवार गुट बल्कि महायुति सरकार के भीतर भी खलबली मचा दी है।

सोशल मीडिया पर किया एलान: निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
रूपाली चाकणकर ने अपने इस्तीफे की घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से की। अपनी पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका अशोक खरात के किसी भी वित्तीय लेन-देन या अनैतिक कार्यों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने लिखा, “मैंने इस मामले में पहले दिन से ही अपना रुख साफ रखा है। जांच को पारदर्शी बनाने के लिए मैंने स्वयं मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक से मांग की है।” चाकणकर ने यह भी खुलासा किया कि आज सुबह सुनेत्रा पवार से फोन पर हुई चर्चा के बाद उन्होंने पार्टी पद छोड़ने का निर्णय लिया, ताकि जांच प्रक्रिया पर कोई आंच न आए।
कौन है अशोक खरात? पेन ड्राइव से खुले कई राज
यह पूरा विवाद स्वयंभू ज्योतिषाचार्य और तांत्रिक अशोक खरात उर्फ ‘कैप्टन’ की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ। नासिक पुलिस ने खरात को दुष्कर्म के गंभीर आरोपों के तहत हिरासत में लिया है। जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक पेन ड्राइव लगी है, जिसने इस मामले को और भी संगीन बना दिया है। बताया जा रहा है कि इस पेन ड्राइव में कई आपत्तिजनक वीडियो और दस्तावेज मिले हैं, जो कई रसूखदार लोगों की मुश्किल बढ़ा सकते हैं। आरोपी के राजनीतिक संपर्कों की खबरें आने के बाद से ही महाराष्ट्र की सियासत में ‘पेन ड्राइव पॉलिटिक्स’ का नया अध्याय शुरू हो गया है।
विपक्ष का कड़ा प्रहार: सरकार को घेरा
अशोक खरात का मामला सामने आते ही महाविकास अघाड़ी (विपक्ष) ने सरकार पर तीखा हमला बोल दिया है। विपक्ष का आरोप है कि सत्ताधारी दल के संरक्षण के कारण ही ऐसे ढोंगी बाबाओं के हौसले बुलंद हैं। रूपाली चाकणकर का नाम चर्चा में आने के बाद विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग पर अड़ा था। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए सरकार और अजित पवार गुट अपनी छवि को लेकर बेहद सतर्क हैं, यही वजह है कि चाकणकर को नैतिक आधार पर पद छोड़ने के लिए कहा गया है।
जांच की दिशा और राजनीतिक भविष्य
फिलहाल नासिक पुलिस अशोक खरात से पूछताछ कर रही है और उसके संपर्कों की कड़ी जोड़ने में जुटी है। इस मामले में कई अन्य बड़े नामों के खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। रूपाली चाकणकर के इस्तीफे के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि एनसीपी (अजित पवार गुट) महिला शाखा की कमान किसे सौंपता है। साथ ही, चाकणकर का राजनीतिक भविष्य अब पूरी तरह से इस जांच की रिपोर्ट और उसमें निकलने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगा। महाराष्ट्र की जनता की नजरें अब पुलिस की अगली कार्रवाई और पेन ड्राइव के रहस्यमयी खुलासों पर टिकी हैं।


















