Russia Ukraine War
Russia Ukraine War 2026: रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष ने एक बार फिर पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। एक ओर जहाँ अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई ‘जून 2026’ की डेडलाइन और मियामी में होने वाली संभावित शांति वार्ता की चर्चाएँ गर्म हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध के मैदान में रूस ने अब तक का सबसे आक्रामक रुख अपना लिया है। शनिवार, 7 फरवरी 2026 की रात को रूसी सेना ने यूक्रेन के खिलाफ इस साल का सबसे बड़ा और विध्वंसक हवाई हमला बोला। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस बातचीत की मेज पर बैठने से पहले यूक्रेन को पूरी तरह पस्त कर अपनी सैन्य बढ़त सुनिश्चित करना चाहता है।
यूक्रेनी अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रूसी वायुसेना ने एक ही रात में 400 से अधिक कामिकेज़ ड्रोन और लगभग 40 मिसाइलें दागकर यूक्रेन के आसमान को बारूद से भर दिया। इस हमले का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) को जड़ से खत्म करना था। रूस ने विशेष रूप से बिजली उत्पादन इकाइयों, नेशनल ग्रिड और वितरण सब-स्टेशनों को निशाना बनाया। कड़ाके की ठंड के इस मौसम में बिजली संयंत्रों पर हमला करके रूस यूक्रेन के मनोबल को तोड़ने की कोशिश कर रहा है, ताकि पूरा देश अंधेरे और जमा देने वाली सर्दी में डूब जाए।
रूस के इस ‘ब्लिट्जक्रेग’ हमले की चपेट में केवल सैन्य ठिकाने ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों की संपत्ति भी आई है। रिव्ने क्षेत्र में रूसी मिसाइल गिरने से एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, विनित्सिया प्रांत के लाडिजिन शहर में एक शैक्षणिक संस्थान यानी कॉलेज की प्रशासनिक इमारत पर ड्रोन जा गिरा। इसके अलावा वोलिन, इवानो-फ्रांकीव्स्क और पोलैंड की सीमा से सटे लविव क्षेत्र में भी भारी विनाश की खबरें हैं। राजधानी कीव और खार्किव में यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम ने घंटों तक जवाबी कार्रवाई की, लेकिन मिसाइलों और ड्रोनों की संख्या इतनी अधिक थी कि कई जगहों पर सुरक्षा घेरा नाकाम साबित हुआ।
राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को रूसी बर्बरता का चरम बताया है। उन्होंने उन अंतरराष्ट्रीय शक्तियों और देशों पर कटाक्ष किया जो इस समय रूस के साथ त्रिपक्षीय बातचीत की वकालत कर रहे हैं। जेलेंस्की ने कड़े शब्दों में कहा कि जो देश मेज पर बैठकर समाधान निकालने की बात करते हैं, उन्हें रूस द्वारा नागरिकों और ऊर्जा ग्रिड पर किए जा रहे इन हमलों का जवाब देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुतिन ‘सर्दियों के दबाव’ को एक सामरिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि यूक्रेन को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर किया जा सके।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्ध समाप्त करने की समयसीमा तय किए जाने के बाद यूक्रेन के लिए स्थिति ‘करो या मरो’ वाली हो गई है। जेलेंस्की ने अमेरिका और पश्चिमी देशों से एक बार फिर पैट्रियट (Patriot) और NASAMS जैसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की सप्लाई तेज करने की मांग की है। यूक्रेन का कहना है कि रूसी आतंक को रोकने और अपने आसमान को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें अधिक मिसाइल इंटरसेप्टर की जरूरत है। फिलहाल, प्रभावित इलाकों में बिजली बहाली और मलबे में दबे लोगों को निकालने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन गहराता ऊर्जा संकट देश के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
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