अंतरराष्ट्रीय

Russia Ukraine War: रूस का यूक्रेन पर भीषण हमला, जवाब में जेलेंस्की के ड्रोनों ने दहलाया मॉस्को

Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक और विनाशकारी स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका की मध्यस्थता में प्रस्तावित शांति वार्ता से ठीक पहले रूस ने आक्रामक रुख अपनाते हुए यूक्रेन के रिहायशी इलाकों और ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर हमला बोल दिया है। रूसी सेना ने बुधवार रात से गुरुवार की सुबह तक यूक्रेन पर कहर बरपाते हुए एक साथ 219 लंबी दूरी के घातक ड्रोन और 24 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस हमले का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन के बिजली ग्रिड को ठप करना था, ताकि भीषण ठंड के बीच देश को घुटनों पर लाया जा सके।

यूक्रेन का पलटवार: 1750 किमी दूर रूसी तेल रिफाइनरी पर हमला

रूस की भारी गोलाबारी का जवाब यूक्रेन ने अब तक के सबसे बड़े और लंबी दूरी के हमले से दिया है। यूक्रेनी सेना ने अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करते हुए मॉस्को को गहरे सदमे में डाल दिया। यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने पुष्टि की है कि उनके स्वदेशी रूप से विकसित ड्रोनों ने रूस के कोमी क्षेत्र में स्थित उख्ता तेल रिफाइनरी को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। विशेष बात यह है कि यह रिफाइनरी यूक्रेनी सीमा से लगभग 1750 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह हमला यूक्रेनी ड्रोन तकनीक के इतिहास में अब तक की सबसे लंबी दूरी की उड़ान और सटीक मार माना जा रहा है।

‘फ्लेमिंगो’ मिसाइल का प्रहार: रूसी रक्षा ठिकानों में तबाही

हवाई हमलों के अलावा, यूक्रेन ने अपनी नई स्वदेशी मिसाइल तकनीक ‘फ्लेमिंगो’ का इस्तेमाल कर रूसी खेमे में भारी खलबली मचा दी है। लंबी दूरी तक मार करने वाली इन मिसाइलों ने वोल्गोग्राद क्षेत्र में रूसी सेना के सबसे बड़े गोला-बारूद और विस्फोटक भंडारण डिपो को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसके अतिरिक्त, ताम्बोव क्षेत्र में स्थित रक्षा संयंत्र ‘मिचुरिंस्क प्रोग्रेस प्लांट’ और एक अन्य प्रमुख तेल रिफाइनरी को भी भारी नुकसान पहुँचाया गया है। युद्ध की चौथी वर्षगांठ के करीब दोनों देशों के बीच बढ़ता यह सैन्य तनाव एक बड़े क्षेत्रीय और वैश्विक संकट की ओर इशारा कर रहा है।

प्रभावित क्षेत्र: कीव से ओडेसा तक रूसी बमबारी का साया

यूक्रेनी वायुसेना की रिपोर्ट के अनुसार, रूस के इन व्यापक हमलों ने यूक्रेन के प्रमुख शहरों को अपना निशाना बनाया। राजधानी कीव के अलावा, देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर खारकीव, मध्य यूक्रेन का महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र निप्रो और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दक्षिणी बंदरगाह शहर ओडेसा रूसी मिसाइलों के निशाने पर रहे। इन हमलों के कारण कई शहरों में बिजली की आपूर्ति बाधित हुई है और नागरिक सुविधाओं को भारी क्षति पहुँची है, जिससे स्थानीय आबादी के बीच दहशत का माहौल है।

शांति वार्ता पर संशय: क्या जून की समयसीमा तक निकलेगा हल?

सैन्य मोर्चे पर जारी इस भीषण तबाही के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं, लेकिन उनमें अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं। अमेरिका ने अगले सप्ताह मियामी या संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में शांति वार्ता के दूसरे दौर का प्रस्ताव रखा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने स्पष्ट किया है कि उनका देश बातचीत की मेज पर आने के लिए तैयार है, लेकिन उन्होंने रूस पर आरोप लगाया कि वह इस प्रक्रिया में जानबूझकर देरी और ‘हिचकिचाहट’ दिखा रहा है। अमेरिका ने दोनों पक्षों को जून 2026 तक एक समझौते पर पहुँचने की समयसीमा (डेडलाइन) दी है, लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए किसी ठोस नतीजे की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।

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