Russia Ukraine War:
Russia Ukraine War: यूक्रेन-रूस युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में अचानक एक महत्वपूर्ण तेज़ी आई है। युद्ध खत्म करने के रोडमैप पर ठोस बातचीत करने के लिए यूक्रेन का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका पहुँच चुका है। यह महत्वपूर्ण मुलाकातें ऐसे समय में हो रही हैं जब काला सागर में यूक्रेन ने दो रूसी तेल टैंकरों पर सफलतापूर्वक हमला किया है, जिसके बाद दोनों टैंकर जलते हुए दिखाई दिए।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने पुष्टि की है कि इस टीम का नेतृत्व उनके राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख रुस्तम उमेरोव कर रहे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य है “जितना जल्दी हो सके, शांति प्रक्रिया के अगले ठोस कदम तय किए जाएं।”
वाशिंगटन में यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर मौजूद रहेंगे। यह मुलाकात अत्यंत अहम है क्योंकि अमेरिका में बातचीत समाप्त होते ही, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल सीधे रूस के लिए उड़ान भरेगा और मॉस्को में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेगा। यह पहली बार लग रहा है कि अमेरिका दोनों युद्धरत पक्षों के बीच सीधी और स्पष्ट मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।
शांति स्थापित करने की इस भाग-दौड़ का कारण पिछले सप्ताह ट्रंप द्वारा जारी किया गया 28-बिंदुओं वाला शांति प्रस्ताव भी है। कई विशेषज्ञों ने इस प्रस्ताव को रूस को लाभ पहुँचाने वाला बताया था। इस मसौदे में रूस को कुछ इलाकों पर नियंत्रण देने और यूक्रेन की सेना का आकार सीमित करने जैसी शर्तें शामिल थीं। आलोचना बढ़ने के बाद, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने प्लान को ‘फाइन ट्यून’ कर दिया है। ज़ेलेंस्की ने भी इस प्रस्ताव को हल्के में नहीं लिया और अमेरिकी टीम से तुरंत बातचीत शुरू कर दी, ताकि यूक्रेन की शर्तों पर रोडमैप तैयार हो सके।
यूक्रेन का यह शांति प्रयास ऐसे समय में हो रहा है जब उनका पुराना मुख्य वार्ताकार और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के सबसे भरोसेमंद चेहरों में से एक, एंड्री यरमाक, अचानक अपने पद से हट गए हैं। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और उनके घर पर छापे मारे गए थे, जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देकर बातचीत से बाहर होना पड़ा। इस अप्रत्याशित घटना के कारण यूक्रेन को अपनी वार्ता टीम में तत्काल बदलाव करना पड़ा।
जमीनी (और समुद्री) मोर्चे पर भी स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। काला सागर में यूक्रेन ने रूस के दो बड़े तेल टैंकरों, काइरोस और विराट, को समुद्री ड्रोन से निशाना बनाया। फुटेज में ‘सी बेबी’ ड्रोन इन टैंकरों से टकराते हुए दिखाई दिए। हमलों में दोनों जहाजों को भारी नुकसान पहुँचा और उन्हें सेवा से बाहर करना पड़ा। यूक्रेन का दावा है कि ये टैंकर रूस की ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा थे, जिनका उपयोग रूस प्रतिबंधों से बचकर विदेशों में कच्चा तेल बेचकर युद्ध के लिए धन जुटाने में कर रहा था। तुर्की ने भी पुष्टि की है कि टैंकर ‘काइरोस’ में बड़ा धमाका हुआ और उसमें आग लग गई।
रूस ने इन समुद्री हमलों का जवाब रातभर की भारी बमबारी से दिया। रूसी सेना ने कीव, डिनिप्रो और दक्षिणी इलाकों पर मिसाइलों और ड्रोन की बारिश कर दी। राजधानी कीव में कई स्थानों पर बिजली गुल हो गई।कीव और आसपास के इलाकों में तीन लोगों की मौत हो गई।डिनिप्रो और खेरसॉन में भी नागरिकों की जान गई और 29 नागरिक घायल हुए।
ज़ेलेंस्की प्रशासन ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि रूस हर सर्दी की तरह इस साल भी ठंड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। उनका उद्देश्य हीटिंग और बिजली के बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाकर आम लोगों का मनोबल तोड़ना है।
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