Russia Ukraine War : रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रूस ने देर रात यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हवाई हमला करते हुए 172 ड्रोन और 36 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस हमले की पुष्टि की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सभी 36 बैलिस्टिक मिसाइलों का निशाना राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाके थे। इस भीषण हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक बच्चे समेत आठ लोग घायल हुए हैं।
कीव में कई चरणों में दागी गईं बैलिस्टिक मिसाइलें
कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि रूस ने कई चरणों में बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। लगातार हुए धमाकों से पूरी राजधानी दहल उठी। अधिकारियों के मुताबिक, हमले के दौरान नीपर नदी पर बने नॉर्दर्न ब्रिज को भी निशाना बनाया गया। कई मिसाइलें पुल से टकराईं, जिससे उसे नुकसान पहुंचा है। हमलों के कारण राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में अफरा-तफरी मच गई और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय करना पड़ा।

घरों और इमारतों को नुकसान, ऊर्जा ढांचे पर भी हमला
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूसी हमलों में कई रिहायशी मकानों और दूसरी इमारतों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा देश के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर भी हमले किए गए। रूस ने दावा किया है कि उसकी सेना ने यूक्रेन के सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। हालांकि, हमलों का असर आम नागरिकों और जरूरी सेवाओं पर भी दिखाई दिया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने मध्य जाइटॉमिर क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचने की जानकारी दी है।

पुलों को निशाना बनाने से कीव में यातायात प्रभावित
रूस ने इस बार अपने हमलों का दायरा बढ़ाते हुए कीव के पुलों को भी निशाने पर लिया है। 30 लाख से अधिक आबादी वाले इस शहर में पुलों को नुकसान पहुंचने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। नीपर नदी पर बने पुल राजधानी के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इन पर हमले से आवागमन और आपातकालीन सेवाओं के सामने मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
पांच साल के करीब पहुंचा युद्ध, हवाई हमले तेज
यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर हमले को लगभग पांच साल होने जा रहे हैं। इस दौरान रूस ने यूक्रेन के प्रमुख शहरों में ऊर्जा केंद्रों और बुनियादी ढांचे को लगातार निशाना बनाया है। हाल के दिनों में रूसी हवाई हमलों की तीव्रता बढ़ी है। ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से होने वाले हमलों को रोकना यूक्रेन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। हालांकि, जमीनी मोर्चे पर रूसी अभियान में फिलहाल ठहराव की स्थिति बताई जा रही है।

अबू धाबी में अमेरिका की मौजूदगी में होगी चौथे दौर की वार्ता
इस बीच युद्ध के बीच शांति स्थापित करने की कूटनीतिक कोशिशें भी जारी हैं। रूस, यूक्रेन और अमेरिका के अधिकारियों के बीच 10 और 11 नवंबर को अबू धाबी में त्रिपक्षीय बातचीत प्रस्तावित है। यह अमेरिका समर्थित शांति प्रयासों का हिस्सा है। इस बैठक को वार्ता का चौथा दौर माना जा रहा है। हालांकि, पहले की बातचीत से अब तक कोई बड़ा नतीजा सामने नहीं आया है।
यूरोपीय देशों ने रूस की पुरानी शर्तों पर उठाए सवाल
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय देश चाहते हैं कि रूस पहले यूक्रेन के खिलाफ युद्ध रोके। इसके बाद ही यूरोप की सुरक्षा और क्रेमलिन की चिंताओं से जुड़े मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ सकती है। यूरोपीय अधिकारी इस बात पर अडिग हैं कि युद्ध से पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जो मांगें रखी थीं, उन्हें आज भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
क्या चौथे दौर की बातचीत से निकलेगा शांति का रास्ता?
एक तरफ रूस के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले यूक्रेन की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिका की मध्यस्थता में बातचीत की नई उम्मीद जगी है। अब सबकी नजरें 10-11 नवंबर को अबू धाबी में होने वाली बैठक पर टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार तीनों देश युद्ध रोकने की दिशा में कोई ठोस सहमति बना पाएंगे या यूक्रेन में हमलों का सिलसिला जारी रहेगा?


