Russia Ukraine War
Russia Ukraine War: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस के साथ चल रहे युद्ध को रोकने के लिए अपनी जमीन के बदले सीजफायर (युद्धविराम) की शर्तों के आगे झुकने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की है कि “हम अपनी जमीन का एक टुकड़ा भी रूस को नहीं देंगे।” ज़ेलेंस्की के इस दृढ़ और स्पष्ट संदेश ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित ‘पीस प्रोसेस’ के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है। जानकार सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का रूस और यूक्रेन के बीच जंग रोकने का यह ‘पीस प्रोसेस’ या शांति समझौता फिलहाल ठंडे बस्ते में जाने वाला है, क्योंकि ज़ेलेंस्की ने किसी भी क्षेत्रीय रियायत देने की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है।
रूस के साथ संभावित शांति समझौते के बारे में पत्रकारों के साथ व्हाट्सएप पर बातचीत के दौरान, यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अपने देश की क्षेत्रीय अखंडता पर अपना रुख साफ किया। उन्होंने स्वीकार किया, “रूस का हम पर हमारा इलाका छीनने का दबाव डालना गलत नहीं है।” हालांकि, इसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी स्थिति को दृढ़ता से दोहराया, “लेकिन मैं यह साफ़ कर दूं, हम ज़मीन का एक टुकड़ा भी नहीं देंगे। हम जंग के लिए इसी वजह से गए थे।”
अपने फैसले के पीछे कानूनी और नैतिक आधार बताते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा कि उन्हें देश की जमीन किसी को सौंपने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा, “कानूनी तौर पर, मुझे देश की ज़मीन किसी को देने का कोई हक नहीं है। यूक्रेन का कानून, हमारा संविधान, इंटरनेशनल कानून, और सच कहूँ तो, मुझे ऐसा करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।” यह बयान स्पष्ट करता है कि ज़ेलेंस्की न केवल राजनीतिक रूप से, बल्कि कानूनी और नैतिक रूप से भी, किसी भी तरह के क्षेत्रीय विभाजन को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की पर युद्ध समाप्त करने के लिए देश का कुछ हिस्सा रूस को देने का दबाव बढ़ा दिया था। हाल ही में एक इंटरव्यू में, ट्रंप ने तर्क दिया था कि, “अगर युद्ध रोकना है, तो यूक्रेन को डोनबास का कुछ हिस्सा देना होगा।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि मॉस्को चार साल से चल रहे इस संघर्ष में “एक आसान स्थिति में है।” उनका यह बयान यूक्रेन पर क्षेत्रीय रियायत देने के लिए एक तरह का दबाव बना रहा था। हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ट्रंप के इस दबाव के आगे झुकने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं और अपनी ज़मीन पर अपना दावा मजबूती से बनाए रखेंगे।
ट्रंप के दबाव और अमेरिकी समर्थन में संभावित बदलाव की आशंका के बीच, ज़ेलेंस्की ने अपनी रणनीति बदल दी है और अब वह अमेरिका को छोड़कर यूरोप से समर्थन जुटाने के लिए मैदान में उतर गए हैं। इस नई कूटनीतिक पहल के तहत, ज़ेलेंस्की ने मंगलवार को इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। उन्होंने इटली से अपील की कि वह यूक्रेन को रूसी हमले को रोकने के लिए ज़रूरी सैन्य और आर्थिक समर्थन प्रदान करे।
इससे पहले, ज़ेलेंस्की ने रोम में पोप लियो XIV से भी मुलाकात की थी। पोप के साथ अपनी बातचीत में, ज़ेलेंस्की ने एक सही और लंबे समय तक चलने वाली शांति की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और दोनों पक्षों से कूटनीतिक कार्रवाई (डिप्लोमैटिक एक्शन) की मांग की। ज़ेलेंस्की का यह यूरोपीय दौरा पश्चिमी देशों के बीच रूस के खिलाफ एकजुटता बनाए रखने और यूक्रेन के लिए निरंतर समर्थन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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