Russia US Atlantic Tension
Russia US Atlantic Tension: अटलांटिक महासागर के ठंडे पानी में इन दिनों वैश्विक राजनीति की तपिश महसूस की जा रही है। अमेरिका और रूस के बीच एक तेल टैंकर ‘मरीनेरा’ को लेकर टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। CBS न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने उत्तर अटलांटिक महासागर में इस टैंकर की सुरक्षा के लिए अपने नौसेना के युद्धपोतों और एक अत्याधुनिक पनडुब्बी को तैनात कर दिया है। हालांकि यह टैंकर वर्तमान में खाली है, लेकिन अमेरिकी सेना लगातार इसका पीछा कर रही है और इसे किसी भी समय जब्त करने की फिराक में है। यह घटना अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में दो परमाणु शक्तियों के बीच सीधे सैन्य गतिरोध की आशंका को जन्म दे रही है।
इस विवाद की जड़ में वह टैंकर है जिसे पहले ‘बेला 1’ के नाम से जाना जाता था। दिसंबर 2025 में कैरिबियन सागर में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इस जहाज पर कब्जा करने की कोशिश की थी, क्योंकि उन पर अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप था। उस वक्त जहाज के चालक दल ने अमेरिकी अधिकारियों को बोर्डिंग की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए टैंकर ने अपना रास्ता बदला और अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली। इसका नाम बदलकर ‘मरीनेरा’ कर दिया गया, रूसी रजिस्ट्री में इसका पंजीकरण कराया गया और उस पर रूस का झंडा लगा दिया गया। हालांकि, समुद्री कानून विशेषज्ञों का मानना है कि केवल झंडा बदलने से अमेरिका की कार्रवाई नहीं रुकेगी, क्योंकि जहाज का IMO नंबर और मालिकाना हक अब भी वही है।
यह पूरा घटनाक्रम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन सख्त आदेशों का हिस्सा है, जो उन्होंने दिसंबर 2025 में जारी किए थे। ट्रंप ने वेनेजुएला से तेल ले जाने वाले सभी प्रतिबंधित टैंकरों की पूर्ण नाकाबंदी का आदेश दिया था। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि वेनेजुएला की सरकार इन जहाजों का इस्तेमाल अमेरिका में नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए कर रही है। वेनेजुएला ने अमेरिका के इस कदम को ‘समुद्री डकैती’ और चोरी करार दिया है। गौरतलब है कि यह तनाव निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद और भी बढ़ गया है। 3 जनवरी 2026 को अमेरिकी विशेष बलों ने काराकास में एक बड़ा सैन्य अभियान चलाकर मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया था, जिन्हें अब न्यूयॉर्क में नशीली दवाओं की तस्करी और आतंकवाद के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।
आज यानी 7 जनवरी 2026 तक की स्थिति यह है कि टैंकर ‘मरीनेरा’ स्कॉटलैंड और आइसलैंड के बीच उत्तर अटलांटिक में स्थित है, जो यूरोप के पश्चिमी तट से लगभग 2,000 किलोमीटर दूर है। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे इस जहाज को डुबोने के बजाय सुरक्षित रूप से जब्त करना चाहते हैं। अमेरिकी दक्षिणी कमान ने सोशल मीडिया पर एक कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि वे “प्रतिबंधित जहाजों” के खिलाफ किसी भी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दूसरी ओर, क्रेमलिन ने कहा है कि वह स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है। रूस का दावा है कि टैंकर पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पालन कर रहा है और उसकी सुरक्षा करना रूसी नौसेना का संप्रभु अधिकार है।
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