Russia Ukraine War: यूक्रेन के सुमी क्षेत्र में शनिवार को रूसी सेना ने एक पैसेंजर ट्रेन और पावर ग्रिड पर भयंकर हमला किया, जिसमें करीब 30 लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हो गए। इस हमले से 50 हजार से अधिक घर बिजली और रोशनी से वंचित हो गए हैं। यह घटना यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच नागरिकों के लिए एक और बड़ी त्रासदी साबित हुई है।
यूक्रेन के उत्तरी सुमी क्षेत्र के एक रेलवे स्टेशन पर ड्रोन हमले में एक यात्री ट्रेन को निशाना बनाया गया, जो शोस्तका से कीव जा रही थी। इस ट्रेन पर हमला इतना भयंकर था कि ट्रेन के डिब्बे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें ट्रेन के डिब्बे आग की लपटों में जले हुए और टूटी हुई खिड़कियों से भरे हुए दिखाई दे रहे थे। इस हमले में कई निर्दोष यात्री घायल हो गए हैं।
क्षेत्रीय गवर्नर ओलेह ह्रीहोरोव ने रॉयटर्स से कहा कि यह हमला रेलवे स्टेशन और ट्रेन दोनों पर हुआ है, जिससे भारी जनहानि हुई है। इस हमले ने स्थानीय लोगों के लिए भय और अनिश्चितता की स्थिति पैदा कर दी है।
सिर्फ रेलवे स्टेशन तक ही सीमित नहीं, रूसी सेना ने शुक्रवार रात से शनिवार तक यूक्रेन की विद्युत ग्रिड पर भी बड़े पैमाने पर हमले किए। यूक्रेन की ऊर्जा कंपनी ने इस बात की पुष्टि की है कि इस दौरान रूस ने 381 ड्रोन और 35 मिसाइलों से हमले किए। इन हमलों के कारण 50 हजार से अधिक घर अंधेरे में डूब गए हैं, जिससे आम नागरिकों का जीवन प्रभावित हुआ है।
यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, 109 ड्रोन और तीन बैलिस्टिक मिसाइलें भी शुक्रवार रात से शनिवार तक दागी गईं, जिनमें से अधिकांश ड्रोन या तो यूक्रेनी सेना ने मार गिराए या वे अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाए।
फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से हर सर्दी में रूसी सेना यूक्रेन की विद्युत ग्रिड पर हमले करती आई है। यूक्रेन का कहना है कि रूस के हमलों का मकसद आम नागरिकों को बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित करके सर्दियों को हथियार बनाना है। इस रणनीति से रूस का इरादा नागरिकों के जीवन को कठिन बनाना और उनके हौसले तोड़ना है।
इस हमले के बाद दुनिया भर में चिंता की लहर दौड़ गई है। कई देशों ने इस हमले की निंदा की है और यूक्रेन के प्रति समर्थन जताया है। वैश्विक स्तर पर रूस की इस क्रूरता को लेकर कड़ी आलोचना हो रही है।
रूसी सेना का यह हमला यूक्रेन में संघर्ष की जटिलता और इस युद्ध के मानवतावादी संकट को उजागर करता है। रेलवे स्टेशन और पावर ग्रिड पर हुए इन हमलों ने न केवल नागरिकों की जान ली है, बल्कि उनके जीवन के बुनियादी साधनों को भी प्रभावित किया है। इस हमले के बाद यूक्रेन के सामान्य लोगों की सुरक्षा और जीवन बचाने की मांग और अधिक बढ़ गई है।
यूक्रेन और रूस के बीच यह संघर्ष अभी भी जारी है, और आम नागरिक इस खतरनाक युद्ध की सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं। विश्व समुदाय को तत्काल और प्रभावी कदम उठाकर इस मानवतावादी संकट को कम करने की आवश्यकता है।
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