छत्तीसगढ़

Sachin Pilot Raipur visit : सचिन पायलट का रायपुर दौरा, चैतन्य बघेल से मुलाकात

Sachin Pilot Raipur visit :  छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट आज रायपुर पहुंचेंगे और वहां वे रायपुर सेंट्रल जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से मुलाकात करेंगे। जानकारी के अनुसार, पायलट सुबह 8:00 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और 11:00 बजे चैतन्य बघेल से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। पायलट की मुलाकात के बाद, यह संभावना जताई जा रही है कि सियासी नज़रिये से यह मुलाकात महत्वपूर्ण हो सकती है।

चैतन्य बघेल को ED ने भेजा था जेल

गौरतलब है कि चैतन्य बघेल को 22 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शराब घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया था। रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश होने के बाद, कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की ज्यूडिशियल रिमांड पर रायपुर की सेंट्रल जेल भेज दिया है। ED द्वारा की गई पूछताछ में चैतन्य से सही जवाब नहीं मिलने पर उनकी गिरफ्तारी की गई थी। चैतन्य बघेल पर आरोप है कि उनका नाम शराब घोटाले में शामिल है और इसके चलते ED ने उनकी गिरफ्तारी की।

ED का आरोप, चैतन्य का नाम शराब घोटाले में जुड़ा

ED के अनुसार, शराब घोटाले में चैतन्य बघेल का नाम सामने आया है। शराब कारोबारी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू ने पूछताछ में स्वीकार किया कि चैतन्य बघेल के साथ मिलकर उन्होंने 1000 करोड़ रुपये के घोटाले की रकम को हैंडल किया था। बंसल ने बयान दिया कि यह पैसा बाद में राम गोपाल अग्रवाल और अन्य लोगों को भेजा गया। ED के अनुसार, चैतन्य और पप्पू बंसल ने मिलकर 100 करोड़ रुपये की रकम केके श्रीवास्तव को दी थी। इसके अलावा, शराब घोटाले से पप्पू बंसल को तीन महीने में 136 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई थी, जिसका खुलासा अनवर ढेबर और नीतेश पुरोहित के बीच चैट में हुआ था।

ED की गिरफ्तारी पर बचाव पक्ष का बयान

चैतन्य बघेल के बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि ED द्वारा प्रस्तुत आरोपों में कुछ गलत जानकारी दी गई है। फैजल रिजवी ने कहा कि पहला मामला ज्वेलर्स से जुड़े 5 करोड़ रुपये के संदिग्ध लोन का है, जो 2019 में लिया गया था। इसके जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लोन बिना ब्याज के लिया गया था और अब तक इस पर करीब 2.21 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में चुका दिए गए हैं। यह जानकारी ज्वेलर्स के प्रोपराइटर द्वारा दस्तावेजों के साथ ED को दी गई थी। हालांकि, जांच एजेंसी ने इस तथ्य को नजरअंदाज कर कोर्ट में भ्रामक तथ्यों को प्रस्तुत किया।

फ्लैट बिक्री का मामला और ED का रुख

दूसरी तरफ, फैजल रिजवी ने बताया कि दूसरा मामला त्रिलोक सिंह ढिल्लन को 5 करोड़ रुपये में बेचे गए फ्लैट से जुड़ा है। इस मामले में ढिल्लन ने पहले ही जेल में रहते हुए यह स्पष्ट किया था कि उनके पास यह राशि कहां से आई। उन्होंने ED की पूछताछ का जवाब दिया था और जांच एजेंसी ने इस पर संतोष जताया था, जिसके बाद इस संबंध में चैतन्य बघेल से कोई पूछताछ नहीं की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार और ED पर सवाल

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने 21 जुलाई को ED को फटकार लगाते हुए कहा कि राजनीतिक लड़ाइयां चुनावों में लड़ी जानी चाहिए, न कि जांच एजेंसियों के जरिए। कोर्ट ने सवाल उठाया कि ED का इस तरह से उपयोग क्यों हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश ने देशभर में सियासी हलचल मचा दी थी और अब इस मामले में ED की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

क्या होगी सचिन पायलट की मुलाकात का राजनीतिक असर?

अब सवाल यह है कि सचिन पायलट की आज की मुलाकात का क्या राजनीतिक असर होगा। पायलट की इस मुलाकात को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी कयास तेज हो गए हैं। कांग्रेस पार्टी के भीतर इस मुलाकात को लेकर अलग-अलग राय बन रही है। चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद से भूपेश बघेल की सियासी ताकत पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सचिन पायलट का रायपुर दौरा और चैतन्य बघेल से मुलाकात कांग्रेस के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकता है।

चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी और उसके बाद के घटनाक्रम पर नजर

चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद से यह मामला राजनीतिक रूप से भी गर्माता जा रहा है। भूपेश बघेल के बेटे के खिलाफ ED की कार्रवाई और उस पर लगे आरोपों ने कांग्रेस पार्टी के भीतर एक नई बहस को जन्म दिया है। क्या यह मामला सिर्फ एक कानूनी प्रक्रिया है या फिर इसमें राजनीतिक दांवपेच भी शामिल हैं? इस सवाल का जवाब आगामी दिनों में सामने आ सकता है, खासकर जब सचिन पायलट जैसे नेता इस मुद्दे पर खुलकर बयान देंगे।ट

छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले में चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी और ED की कार्रवाई ने प्रदेश की राजनीति में तूफान मचा दिया है। अब सचिन पायलट का रायपुर दौरा और चैतन्य बघेल से मुलाकात उन तमाम सवालों का जवाब देने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है। इस मुलाकात से यह भी पता चलेगा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस में क्या बदलाव आ सकता है और इस मामले का सियासी असर किस दिशा में जाएगा।

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