Saif al-Islam Gaddafi Killed
Saif al-Islam Gaddafi Killed: लीबिया से एक सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पूर्व तानाशाह कर्नल मुअम्मर गद्दाफी के सबसे चर्चित और प्रभावशाली बेटे, सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की एक भीषण हमले में मौत हो गई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला 3 फरवरी 2026 को पश्चिमी लीबिया के जिंतान शहर में स्थित उनके निजी आवास पर हुआ। राजधानी त्रिपोली से लगभग 136 किलोमीटर दूर स्थित इस शहर में सैफ पिछले लंबे समय से रह रहे थे। अज्ञात बंदूकधारियों ने दोपहर के समय उनके घर को निशाना बनाया और इस हत्याकांड को अंजाम देकर फरार हो गए।
53 वर्षीय सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी को अपने पिता मुअम्मर गद्दाफी के शासनकाल में उनके उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता था। कर्नल गद्दाफी के सात बेटों में सैफ सबसे अधिक शिक्षित और कूटनीतिक रूप से सक्रिय थे। उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से पीएचडी की डिग्री हासिल की थी। एक समय में उन्हें लीबिया के उदारवादी चेहरे के रूप में पेश किया गया था, जिन्होंने पश्चिमी देशों के साथ लीबिया के संबंधों को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हालांकि, 2011 की क्रांति के दौरान उन पर विद्रोह को हिंसक तरीके से कुचलने के आरोप लगे, जिससे उनकी छवि एक क्रूर शासक के वारिस के रूप में सिमट गई।
सैफ अल-इस्लाम के राजनीतिक सलाहकार अब्दुल्लाह उस्मान अब्दुर्रहीम ने इस घटना की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, नकाबपोश चार बंदूकधारियों ने योजनाबद्ध तरीके से सैफ के आवास पर धावा बोला। हमलावरों ने सबसे पहले घर के बाहर लगे सुरक्षा कैमरों को नष्ट कर दिया ताकि उनकी पहचान न हो सके। इसके बाद वे घर के भीतर दाखिल हुए और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि सैफ ने अंतिम समय तक हमलावरों का मुकाबला किया, लेकिन वे गोलियों की बौछार के सामने टिक न सके। उनकी टीम ने इसे “कायरतापूर्ण और विश्वासघाती हत्या” करार देते हुए देश में शोक की लहर पैदा कर दी है।
2011 में कर्नल गद्दाफी की मौत के बाद सैफ अल-इस्लाम को विद्रोही समूहों ने पकड़ लिया था। 2015 में त्रिपोली की एक अदालत ने उन्हें उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी, लेकिन जिंतान के स्थानीय समूहों ने उन्हें सौंपने से इनकार कर दिया था। बाद में उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए बरी कर दिया गया। 2021 में उन्होंने लीबिया के राष्ट्रपति चुनाव में पर्चा भरकर दुनिया को चौंका दिया था, हालांकि कानूनी अड़चनों के कारण वे चुनाव नहीं लड़ सके। वे पिछले एक दशक से अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने की कोशिशों में जुटे थे।
लीबिया के अटॉर्नी जनरल कार्यालय ने इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। हालांकि अभी तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक या किसी अंदरूनी साजिश का परिणाम हो सकता है। सैफ अल-इस्लाम की मौत के बाद लीबिया में सत्ता के विभिन्न केंद्रों के बीच संघर्ष और तेज होने की आशंका है, जिससे देश एक बार फिर गृहयुद्ध की आग में झुलस सकता है।
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