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Retro Biosciences : क्या रुक जाएगी इंसान के बूढ़े होने की रफ्तार? सैम ऑल्टमैन के निवेश से बहस

Retro Biosciences : क्या विज्ञान की मदद से इंसान को कभी बूढ़ा होने से रोका जा सकता है? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर वायरल हो रही एक हालिया पोस्ट के बाद दुनिया भर में यह दिलचस्प सवाल एक बार फिर पूरी शिद्दत से पूछा जाने लगा है। दरअसल, इस पोस्ट में एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया गया है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की दुनिया के बेताज बादशाह और चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने एक बेहद अनोखे बायो-स्टार्टअप में भारी-भरकम निवेश किया है। यह

स्टार्टअप मुख्य रूप से इंसान की उम्र बढ़ने की प्राकृतिक रफ्तार को धीमा करने (Aging Process) की तकनीक पर काम कर रहा है। इस चर्चित स्टार्टअप का नाम ‘रेट्रो बायोसाइंस’ (Retro Biosciences) है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑल्टमैन ने शुरुआत में इसमें अकेले ही 180 मिलियन डॉलर का रिकॉर्ड निवेश किया था और बाद के चरणों में भी भारी पैसा लगाया है। इस दूसरे फंडिंग राउंड के बाद अब रेट्रो बायोसाइंस की मार्केट वैल्यूएशन कई बिलियन डॉलर की जादुई ऊंचाई पर पहुंच गई है।

ऐप या रोबोट नहीं, सीधे बायोलॉजी पर काम: सेलुलर रिप्रोग्रामिंग से दोबारा लौट आएगी जवानी

दुनिया के अन्य पारंपरिक तकनीकी स्टार्टअप्स की तरह रेट्रो बायोसाइंस कोई मोबाइल ऐप, एडवांस्ड रोबोट या नया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं बना रहा है, बल्कि यह सीधे मानव शरीर की बायोलॉजी (जीव विज्ञान) की गुत्थी सुलझाने में जुटा है। यह दूरदर्शी स्टार्टअप मुख्य रूप से ‘पार्शियल सेलुलर रिप्रोग्रामिंग’ (Partial Cellular Reprogramming) की जटिल तकनीक पर फोकस के साथ आगे बढ़ रहा है। इसे अगर बेहद आसान और आम बोलचाल की भाषा में समझें, तो इस कंपनी के वैज्ञानिक इंसानी शरीर की उन ‘एजिंग सेल्स’ (यानी वह कोशिकाएं जो इंसान को धीरे-धीरे बूढ़ा और कमजोर बनाती हैं) को लेबोरेटरी में पूरी तरह रिसेट करके दोबारा से उनके शुरुआती युवा चरण (जवानी वाली स्टेज) में पहुंचाने की दिशा में क्रांतिकारी काम कर रहे हैं।

चिकित्सा वैज्ञानिकों का दृढ़ विश्वास है कि यदि कोशिकाएं हमेशा युवा और स्वस्थ रहेंगी, तो बढ़ती उम्र के साथ होने वाली अल्जाइमर, दिल की बीमारियों और कुछ खास प्रकार के जानलेवा कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। भले ही इस रिसर्च का अंतिम और सटीक समाधान बाजार में आने में अभी कई सालों या दशकों का लंबा समय लग सकता है, लेकिन यह तकनीक किसी एक व्यक्ति की एक बीमारी का अलग से इलाज करने के बजाय, सीधे उस बुनियादी जैविक प्रक्रिया को ही धीमा कर रही है जिससे उम्र बढ़ने के साथ बीमारियों का खतरा बढ़ता है।

रिसर्च में OpenAI के एआई मॉडल की एंट्री: प्रोटीन्स को रिडिजाइन कर रहा है ‘GPT-4b micro’

मानव कोशिकाओं की इस थेरेपी में केवल बायोलॉजी का ही इस्तेमाल नहीं हो रहा है, बल्कि यह स्टार्टअप उन्नत एआई (AI) तकनीक का भी भरपूर लाभ उठा रहा है। सैम ऑल्टमैन की मूल कंपनी OpenAI ने हाल ही में एक आधिकारिक बयान में बताया था कि उसने रेट्रो बायोसाइंस के जटिल वैज्ञानिक और शोध कार्यों में तेजी लाने के लिए विशेष रूप से ‘GPT-4b micro’ नाम का एक कस्टमाइज्ड और सुपर-स्पेशलाइज्ड एआई मॉडल विकसित किया है।

यह अत्याधुनिक एआई मॉडल मुख्य रूप से सेलुलर रिप्रोग्रामिंग के प्रयोगों में शामिल विभिन्न प्रोटीन्स को नए सिरे से रिडिजाइन और मैप करने में वैज्ञानिकों की मदद कर रहा है। कंपनी के शीर्ष प्रबंधन का दावा है कि इस स्पेशल एआई मॉडल के आने के बाद से उनकी रिसर्च की गति कई गुना बढ़ गई है और ऐसे अविश्वसनीय प्रोटीन डिजाइन और कॉम्बिनेशन सामने आए हैं, जिन्हें मानव वैज्ञानिक अपने पारंपरिक स्तर पर शायद कभी नहीं ढूंढ सकते थे।

टेक दिग्गजों का नया पसंदीदा क्षेत्र: लॉन्जविटी साइंस में पीटर थील और जेफ बेजोस भी आगे

मानव जीवन को लंबा और रोगमुक्त बनाने वाली इस ‘लॉन्जविटी साइंस’ (Longevity Science) में अपना पैसा लगाने वाले सैम ऑल्टमैन कोई अकेले या पहले टेक दिग्गज नहीं हैं। अमरता और बुढ़ापे को चुनौती देने वाली इस अद्भुत विज्ञान की दुनिया हमेशा से ही सिलिकॉन वैली के अरबपतियों को आकर्षित करती रही है। ऑल्टमैन से पहले ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस ने भी इसी तरह की तकनीक पर काम करने वाले मशहूर स्टार्टअप ‘अल्टोस लैब्स’ (Altos Labs) में अरबों रुपये का निवेश किया था, ताकि बुढ़ापे की प्रक्रिया को पलटा जा सके।

इसी तरह, दुनिया के सबसे दूरदर्शी और दिग्गज निवेशकों में शुमार पीटर थील भी मानव शरीर की उम्र बढ़ने की रफ्तार को रोकने और उम्र बढ़ाने वाली विभिन्न रिसर्च परियोजनाओं में पिछले कई सालों से लगातार पानी की तरह पैसा बहाते आ रहे हैं। इससे यह साफ है कि आने वाले समय में तकनीक और जीव विज्ञान का यह संगम मानव इतिहास को हमेशा के लिए बदल सकता है।

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